लिकेज की समस्या होगी दूर, फसलों को मिलेगा पानी प्रतिनिधि, रानीश्वर दिगलपहाड़ी डैम से निकाले गए दायां और बायां तट की दोनों नहरों में नया गेट लगाया गया है. यह डैम सिंचाई विभाग के अधीन संचालित है. जानकारी के अनुसार, कई वर्ष पहले कमांड डेवलपमेंट एरिया योजना के तहत करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से डैम का मजबूतीकरण तथा मुख्य और शाखा नहरों का पक्कीकरण कार्य कराया गया था. इसके बावजूद नहरों के गेट ठीक नहीं रहने के कारण लगातार पानी का रिसाव होता रहा. नहरों से पानी के लिकेज के कारण इस वर्ष डैम का जलस्तर काफी नीचे चला गया, जिससे किसानों को रबी फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल सकी. हालात ऐसे हो गए कि जलाशय में पानी कम होने से तालाब जैसा दृश्य नजर आने लगा. दायांतट नहर से चापुड़िया, आसनबनी और तिलाबनी के खेतों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है, जबकि बायांतट नहर से सिउलीबोना के किसानों को सिंचाई सुविधा दी जानी है. किसान लंबे समय से नहरों के गेट बदलने की मांग कर रहे थे. अब नए गेट लगाए जाने से किसानों में उम्मीद जगी है कि उन्हें खरीफ के साथ-साथ रबी और गरमा धान की खेती के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा. सिंचाई विभाग की टेक्निकल शाखा, देवघर द्वारा यह कार्य कराया गया है. साथ ही संवेदक कंपनी को तीन वर्षों तक रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सहायक अभियंता रवींद्र मुर्मू ने बताया कि नए गेट लगने से पानी के रिसाव पर रोक लगेगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
दिगलपहाड़ी डैम की नहरों में लगा नया गेट, किसानों को सिंचाई की उम्मीद
डैम का मजबूतीकरण तथा मुख्य और शाखा नहरों का पक्कीकरण कार्य कराया गया था.
