दुमका पुलिस के हत्थे चढ़ा 'क्रिकेट ठग'! रणजी में चयन के नाम पर शिक्षक से डकारे एक करोड़, आरोपी गिरफ्तार

Dumka Crime News: दुमका में क्रिकेट चयन के नाम पर एक करोड़ की ठगी करने वाले किसलय पल्लव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने बीसीसीआई के फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक परिवार की जमा-पूंजी लूट ली, जिसके सदमे में पीड़ित पिता की मौत हो गई. पढ़ें, कैसे पुलिस ने इस शातिर जालसाज को दबोचा.

Dumka Crime News, दुमका (आनंद जायसवाल): दुमका जिले के नगर थाना क्षेत्र में क्रिकेट में चयन के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस केस के आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी पर झारखंड अंडर-19 और रणजी क्रिकेट टीम में चयन कराने के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप है. नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान के नेतृत्व में पुलिस टीम लंबे समय से उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी. रविवार को हुई इस गिरफ्तारी ने खेल जगत में सक्रिय दलालों और जालसाजों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है. हालांकि, इस न्याय के पहुंचने से पहले ही ठगी के इस काले खेल ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.

फर्जी दस्तावेजों और तस्वीरों का बुना मायाजाल

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी किसलय पल्लव खुद को दुमका जिला क्रिकेट संघ से जुड़ा हुआ बताकर लोगों को अपने विश्वास में लेता था. शहर के शिवपहाड़ निवासी शिक्षक नेता बुलबुल कुमार के पुत्र आशुतोष आनंद को क्रिकेटर बनाने का सपना दिखाकर आरोपी ने चार वर्षों के भीतर किस्तों में एक करोड़ रुपये वसूल लिए. इसमें 50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर और शेष 50 लाख रुपये नकद लिए गए थे. पीड़ित को यकीन दिलाने के लिए आरोपी ने बीसीसीआई (BCCI) का फर्जी लोगो लगाकर पत्र भी सौंपा दिया और चयनकर्ताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर यह दावा किया कि उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है. व्हाट्सएप कॉल के जरिए वह बड़े अधिकारियों के नाम पर लगातार पैसों की मांग करता रहता था.

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सदमे में गई पिता की जान, परिवार में मातम

जब इस फर्जीवाड़े की सच्चाई सामने आई और पता चला कि बेटे का चयन कहीं नहीं हुआ है, तो बुलबुल कुमार को गहरा मानसिक आघात लगा. उन्होंने अपने जीवन भर की संचित पूंजी और कर्ज लेकर यह बड़ी राशि जुटाई थी. सब कुछ लुट जाने का गम उन्हें भीतर ही भीतर कचोटता रहा और अंततः जनवरी 2026 में उनकी मृत्यु हो गई. परिजनों का कहना है कि उनकी मौत का कारण वह भारी वित्तीय नुकसान और धोखे का सदमा ही था.

5 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गयी थी प्राथमिकी

नगर थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि इस मामले में 15 अक्टूबर 2025 को ही प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोपी गिरफ्तारी के डर से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों और जाली दस्तावेज तैयार करने वाले स्रोतों का पता लगाया जा सके. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी खेल या सरकारी पद पर चयन के लिए दलालों के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें.

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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