शिकारीपाड़ा : दुमका-रामपुरहाट रेलवे मार्ग पर शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सिमलुती गांव के समीप दो अलग-अलग स्थानों पर रेल की पटरी को नुकसान पहुंचाकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की असफल कोशिश की गयी है. इस रूट पर एकमात्र रामपुरहाट पैसेंजर ट्रेन का आवागमन होता है.
हालांकि ग्रामीणों की नजर ट्रेन के रामपुरहाट से खुलने से पहले ही पड़ गयी, लिहाजा पुलिस को सूचना मिली तो रेलवे को भी इससे अलर्ट कर दिया गया, जिसके बाद उक्त पैसेंजर ट्रेन का परिचालन स्थगित कर दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक पोल संख्या 148/4 व 148/5 के बीच रेल पटरी काट दी गयी थी, जबकि पोल संख्या 148/3 व 148/ 4 के बीच रेल पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. ग्रामीणों से मिली सूचना पर बरमसिया पंचायत के मुखिया पुतुल मुरमू ने पुलिस को सूचना दी. एएसपी अभियान एमानुवेल वास्की, डीएसपी अशोक कुमार सिंह व पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अजय कुमार केशरी दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
रेलवे के जेई पीडब्लूएवाई एससीई जितेंद्र कुमार भारती व एसएसई पीडब्लूएवाई आरपीएफ दीनबंधु दास घटनास्थल पर पहुंचे. घटनास्थल पर रेलवे पटरी का निरीक्षण किया. जिसके बाद परिचालन संभव न देख रामपुरहाट दुमका पैसेंजर ट्रेन संख्या 53081 तथा दुमका रामपुरहाट पैसेंजर ट्रेन संख्या 53082 को रद्द करवा दिया गया.
रेलवे ट्रैकमैन दाउत मंडल, बाबर अली आदि के द्वारा पटरी की मरम्मत की गई .रेलवे के जेई जितेंद्र कुमार भारती ने अज्ञात अपराधियो के विरुद्ध पोल संख्या 148/ 4 व 148/ 5 के बीच रेल पटरी पौने 9 इंच काटकर गायब करने तथा पोल संख्या 148/ 4 व 148/ 3 के बीच रेल पटरी को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त करने के मामले में अज्ञात अपराधियो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है.
जेई जितेंद्र कुमार भारती के मुताबिक अगर इस ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन आता, तो बड़ा हादसा हो सकता था. कांड संख्या 107 /17 में भादवि की धारा 336, 379 एवं 427 तथा रेलवे की सुसंगत धाराओ के तहत मामला दर्ज किया गया. डीएसपी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बीते रात को अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस सभी बिन्दुओ पर अनुसंधान कर रही है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्र की है घटना
जिस जगह पर रेलवे ट्रैक को काटे जाने की घटना हुई है, वह नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र ही है. पांच दिन पूर्व सोमवार को ही नक्सलियों ने बगल के ही काठीकुंड में पांच जेसीबी को फूंक डाला था और अपनी उपस्थिति दर्शायी थी. इसलिए आशंका जाहिर की जा रही है कि यह काम नक्सलियों का भी हो सकता है. मामले में एसपी मयूर पटेल ने कहा है कि पुलिस अनुसंधान कर रही है. उन्होंने कहा कि इस वारदात में नक्सलियों की संलिप्तता है, ऐसे तथ्य अभी तक सामने नहीं आये हैं.
