अपराध. ठगी की शिकार हुई प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका
मातृभूमि कंपनी के एमडी व अभिकर्ता ने बेहतर रिटर्न का झांसा लेकर करवाया था 4.20 लाख रुपये का डिपोजिट
वापस मांगने पर पैसा लौटाने की बात तो दूर, दी जा रही दोनों द्वारा धमकी
भारतीय स्टेट बैंक के खाते से निकाल व मां की पायी-पायी जमा की गयी रकम को दे दिया था चिटफंड कंपनी में
दुमका : चिटफंड कंपनी के खिलाफ उपराजधानी दुमका में एक और मामला दर्ज हुआ है. कम समय में अधिक रिटर्न देने के झांसे में एक निजी स्कूल की शिक्षिका मिताली सरकार ने न सिर्फ खुद की, बल्कि अपने वृद्ध मां के द्वारा जमा की गयी रकम को निकाल कर मातृभूमि कंपनी में जमा कर दिया था.
अब रुपये को जमा लेने वाले खुद कंपनी के एमडी और एजेंट पैसे को वापस दिलाने से इनकार कर रहे हैं और उलटे धमकियां भी दे रहे हैं. मिताली के बयान पर सोमवार को नगर थाना की पुलिस ने मातृभूमि कंपनी के एमडी मानिक चालक व अभिकर्ता राजीव चालक के खिलाफ भादवि की दफा 406, 420, 506 एवं 34 के तहत ठगी का मामला दर्ज किया है. दोनों शास्त्रीनगर-बाउरीपाड़ा के रहने वाले हैं.
दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक 31 जुलाई 2013 को दोनों खुद को कंपनी का प्रबंधक निदेशक और अभिकर्ता बताते हुए उनके घर आये थे और कंपनी में रुपये जमा करने पर कम समय में अच्छे मुनाफा के साथ पैसों का रिटर्न कराने का विश्वास दिलाया था. प्रलोभन में आकर उसने चार लाख की रुपये की एफडी और मासिक खाते में बीस हजार रुपये देना शुरू किया. इसी बीच कंपनी पैसा लेकर फरार हो गयी. जमा रुपये को उसने वापस दिलाने के लिए दोनों पर दबाव डाला तो 20 मई 16 को पांच हजार रुपया वापस भी कर दिया.
शेष रुपये वापस दिलाने के लिए छह-सात महीने का समय मांगा. उक्त समय बीतने पर भी पैसे को वापस नहीं किया. कई माह से लगातार टाल-मटोल करते रहे. अब धमका रहे हैं. पीड़िता ने न्याय की गुहार लगायी है.
