कार्यक्रम. दुमका के व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
दुमका : राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत दुमका के व्यवहार न्यायालय में शनिवार को कुल 226 मामले चार अस्थायी बेंच द्वारा निष्पादित किये गये तथा 56 लाख 80 हजार 122 रुपये की वसूली की गयी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र नाथ पांडेय ने उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत सुलह-समझौते के आधार पर ही वादों का निष्पादन करता है. इसमें किसी की हार या जीत नहीं होती और न ही इसके निष्पादन के बाद किसी न्यायालय में अपील की जा सकती है. उन्होंने बताया कि ऐसे प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच आपस में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहता है.
कार्यक्रम को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. इससे पूर्व प्रधान जिला जज के अलावा जिला जज प्रथम रिजवान अहमद, जिला जज चतुर्थ एसएन मिश्र, सीजेएम अमरेश कुमार, एसीजेएम संजय कुमार दुबे, प्राधिकार के सचिव निशांत कुमार, प्रभारी निबंधक निशिथ कुमार एवं जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उदघाटन किया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव निशांत कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के ऋण संबंधित मामलों के अलावा व्यवहार न्यायालय के सुलह योग्य मामलों का निष्पादन बेंच नंबर एक में किया गया. इस बेंच में जिला जज प्रथम रिजवान अहमद, स्थायी लोक अदालत सदस्य सत्येंद्र सिंह एवं अधिवक्ता राकेश कुमार ने 25 वादों में 7.20 लाख रुपये का समझौता कराया.
दूसरे बेंच में जिला जज चतुर्थ एसएन मिश्र, उपभोक्ता फोरम के सदस्य बबीता अग्रवाल एवं अधिवक्ता कुमार प्रभात द्वारा 61 मामले निबटाये गये, जिसमें 16.90 लाख रुपये की वसूली करायी गयी. बेंच नंबर 3 में एसीजेएम एसके दुबे, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष धनश्याम प्रसाद साह व अधिवक्ता रितेश कुमार ने 94 वादों का निष्पादन किया और 28.71 लाख रुपये का समझौता कराया. अंतिम बेंच में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी निशिथ कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी संतोष कुमार चौधरी एवं अधिवक्ता सिकंदर मंडल ने 46 वाद निबटाये और 3.98 लाख रुपये का निष्पादन कराया.
