दुमकाः गांधी मैदान में धर्मांतरण के विरोध में भारी संख्या में मसीही समाज के लोग इकट्ठा हुए. उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, विधानसभा के पूरे सत्र में इस पर कोई बात नहीं हुई आखिरी दिन इसे ध्वनि मद से पास कर दिया गया. यह कदम संविधान विरोधी है. विधानसभा में तर्क दिये गये कि इसाइयों की संख्या बढ़ी है लेकिन जनगणना पर नजर डालें तो हमारी संख्या अभी भी 4 फीसद पर ही है.
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इस विरोध प्रदर्शन में सरकार के उस विज्ञापन पर भी निशाना साधा गया जिसमें महात्मा गांधी को उद्दृत करते हुए एक विज्ञापन छापा था. जिसमें धर्मांतरण कानून का समर्थन करते हुए महात्मा गांधी के कथनों का सहारा लिया गया था. विरोध कर रहे लोगों ने कहा, गांधी जी ने कभी हमारे लिए वनवासी शब्द का प्रयोग नहीं किया. जुटे मसीही समाज के लोग, धर्मांतरण विधेयक के खिलाफ निकालेंगे मौन जुलूस, पूरे नगर में प्रदर्शन के उपरांत समाहरणालय में ज्ञापन सौंपेंगे.
धर्मांतरण कानून के अलावा इस विरोध प्रदर्शन में जमीन अधिग्रहण के लिए पास किये गये विधेयक का भी विरोध किया गया. इस बिल के माध्यम से सरकार कमजोर लोगों को और कमजोर करना चाहती है. वैसे लोगों को लाभ देना चाहती है जो पहले से जमीन पर नजर गड़ाये हैं.
