कार्रवाई. काठीकुंड पुलिस ने एरो स्थित ससुराल से दबोचा
2012 में जीवीआर के क्रशर प्लांट में आग लगाने का था आरोपित
2007 से भाकपा माओवादी संगठन के हथियारबंद दस्ते में रहा है सक्रिय
काठीकुंड : काठीकुंड पुलिस ने फरार चल रहे नक्सली चार्लेस हेंब्रम को बुधवार की शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. चार्लेस को एरो स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार किया गया है. वह 2012 में जीवीआर कंपनी के जमनी स्थित क्रशर प्लांट में वाहनों व मशीनों में आग लगाने के मामले में भी नामजद अभियुक्त था. ज्ञात हो कि कुछ दिनों पूर्व ही पुलिस द्वारा इस घटना के एक और आरोपित रसिक मरांडी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. थाना प्रभारी सचिन कुमार दास ने बताया कि चार्लेस प्रखंड के बूढ़ीडंगाल गांव का रहने वाला है, जो 2007-08 से 2013 तक भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के हथियारबंद दस्ते का सक्रिय सदस्य था.
श्री दास ने बताया कि चार्लेस व ताला दा दोनों पहले मुंशी का काम करता था. फिर दोनों टेंडर वर्क करने वाले संवेदकों से नक्सली संगठन तक लेवी पहुंचाने का काम करने लगे. इसी तरह दोनों धीरे- धीरे नक्सली संगठन से जुड़ता गया और प्रवीर दा से संपर्क के बाद दोनों सक्रिय रूप से काम करने लगे. सूचनाओं के आदान- प्रदान के लिए संगठन में चार्लेस के मोबाइल का ही प्रयोग किया जाता था. संगठन में चार्लेस को कमांडर का पद भी ऑफर किया गया था, लेकिन ताला दा ने चार्लेस को लेवी व अन्य कामों को करने के लिये कहा. चार्लेस ने ही नक्सल संगठन को लैपटॉप पहुंचाया था. 2013 में संगठन में आपसी लड़ाई में चार्लेस डर गया था. पुलिस व संगठन के डर से भागता फिर रहा था.
15 दिनों के अंदर हुई तीसरी गिरफ्तारी
पंद्रह दिन पहले ही दुमका पुलिस ने महुआगढ़ी से राहुल देहरी नाम के नक्सली को गिरफ्तार किया था. राहुल 11 बड़े नक्सली वारदातों में शामिल रहा था. उसकी मां पीसी दी थी, जो माओवादी संगठन में सक्रिय रही है. राहुल देहरी की संलिप्तता पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या से लेकर लोकसभा चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टी को लैंडमाइंस से उड़ाने की घटना में रही थी. उसके बाद इसी थाना क्षेत्र के तालडीह निवासी रसिक मरांडी उर्फ मुकेश उर्फ मुखिया को भी गिरफ्तार किया था. रसिक भी जीवीआर के क्रशर प्लांट में अगजनी कांड का आरोपित था.
