मधुमेह के इलाज पर देश भर के डॉक्टरों ने किया मंथन, अगला सम्मेलन देवघर में

Treatment of Diabetes: मधुमेह के इलाज पर देश भर के डॉक्टरों ने धनबाद में 2 दिन तक मंथन किया. अब अगला सेमिनार बाबानगरी देवघर में वर्ष 2026 में होगा. इस कॉन्फ्रेंस में देश के अलग-अलग हिस्से से आये डॉक्टरों ने किन-किन विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किये और डायबिटीज के इलाज से जुड़ी जानकारियां साझा की.

Treatment of Diabetes: भारत में मधुमेह के अध्ययन के लिए अनुसंधान सोसाइटी द्वारा राजविलास रिजॉर्ट कौआबांध में आयोजित चतुर्थ दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को देश के विभिन्न भागों से आये प्रसिद्ध डॉक्टरों ने अपने पेपर प्रस्तुत किये. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनुज माहेश्वरी ने किया. उन्होंने कहा कि जीवन शैली में बदलाव कर मधुमेह और रक्तचाप जैसी बीमारियों से मुक्ति पायी जा सकती है. इसके लिए कारगर नयी दवाओं का भी उपयोग करना होगा.

डॉ गोपाल चटर्जी ने मोटापा, फैटी लिवर पर की चर्चा

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ गोपाल चटर्जी ने मोटापा, फैटी लिवर, हृदय और गुर्दे की बीमारियों पर प्रकाश डाला. इनके इलाज के लिए नयी दवाओं पर चर्चा की. संचालन आयोजन सचिव डॉ अजय पटवारी ने किया. उन्होंने कहा कि रोगी के इलाज में प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए.

मधुमेह की जटिलताओं के प्रबंधन पर मंथन

डॉ बीके सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त शिक्षा सामान्य चिकित्सक को अपने रोगियों को बेहतर तरीके से सेवा करने में मदद करेगी. डॉ संजय अग्रवाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के इस युग में डिजिटल और एनएबीएच प्रमाणित क्लिनिकों की भूमिका पर जोर दिया.

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मधुमेह में व्यायाम और नयी दवाओं की भूमिका

गुवाहाटी से आये चिकित्सक डॉ संजीव मेधी व पुणे से आये डॉ संजय अग्रवाल ने मधुमेह की जटिलताओं के प्रबंधन में पोषण, व्यायाम और नयी दवाओं की भूमिका पर चर्चा की. अहमदाबाद से आये डॉ रुतुल गुलकर्णी और बेंगलुरु से आये डॉ कार्तिक ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व अस्पताल में भर्ती मरीजों में मधुमेह के इलाज पर भी चर्चा की.

इन्होंने भी रखे अपने विचार

डॉ विनय ढनढानिया, डॉ जयंत पांडा, डॉ अजय तिवारी, डॉ रमेश गोयनका, डॉ सुरेश बंसल, डॉ सुप्रियो मुखर्जी, डॉ मनीष, डॉ यूके ओझा, डॉ एनके सिंह, डॉ लीना सिंह, डॉ नूपुर, डॉ गौरी शंकर, डॉ रंजन कुमार, डॉ विनीत, डॉ वीएसवी प्रसाद, डॉ विपिन, डॉ रमेश गोयनका, डॉ सुरेश बंसल, डॉ अजय छाबड़ा, डॉ सुधीर कुमार, डॉ सीमा पटवारी, डॉ इकबाल नासिर, डा तनुश्री, डॉ यूएल विश्वकर्मा, डॉ ठाकुरमनी आदि ने अपने विचार रखे. आयोजन सचिव डॉ गौरी शंकर सिंह ने कहा कि अगला सम्मेलन जनवरी 2026 में देवघर में होगा.

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By Mithilesh Jha

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