Dhanbad News : बाइक चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर तिसरा थाने ले गयी पुलिस, सरगना सोनू सिन्हा चकमा देकर हुआ फरार, एएसआइ समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

तिसरा थाना क्षेत्र के कालीटांड़ फुटबाॅल ग्राउंड के पास जमा हुआ था गिरोह, कार्रवाई में पांच बाइक बरामद

तिसरा थाना क्षेत्र के कालीटांड़ फुटबाॅल ग्राउंड के पास से गुरुवार को पुलिस ने चोरी की पांच बाइक के साथ चार अपराधियों को गिरफ्तार किया. ये अपराधी बाइक बेचने के लिए वहां एकत्रित हुए थे. तिसरा पुलिस चारों अपराधियों को थाने ले आयी. इस दौरान चकमा देकर चोर गिरोह का सरगना सोनू सिन्हा फरार हो गया. पुलिसकर्मियों ने फरार अपराधी की तलाश में पूरा जोर लगा दिया, लेकिन उसका पता नहीं चला. जब मामला एसएसपी प्रभात कुमार के संज्ञान में आया, तो उन्होंने मामले की जांच करायी. सच सामने आने के बाद एसएसपी ने तिसरा थाना के एएसआइ राम गुलाम, सिपाही शनि व हरिकेस को सस्पेंड कर दिया. उनक कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप है. इससे पूर्व तिसरा पुलिस ने कालीटांड़ फुटबाॅल ग्राउंड से थाना क्षेत्र के यज्ञ धौड़ा निवासी करकू भुईयां उर्फ करकू कुमार व सोनू भुईयां और बलियापुर थाना क्षेत्र के करमाटांड़ निवासी अरविंद कुमार साव उर्फ लड्डू को गिरफ्तार किया था. सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में कार्रवाई के बारे में जानकारी पत्रकारों को दी. इस दौरान एसडीपीओ सिंदरी आशुतोष कुमार व तिसरा थाना प्रभारी मौजूद थे.

फरार सरगना सोनू सिन्हा पर दर्ज हैं चोरी के कई मामले :

सिटी एसपी ने बताया कि घटनास्थल से चार अपराधियों को पकड़ा गया था. इसमें बाइक चोर गिरोह का सरगना तिसरा थाना क्षेत्र के खासकुईयां निवासी सोनू सिन्हा भी था. बताया जाता है कि सोनू सिन्हा मौके का फायदा उठाकर थाना से फरार हो गया. पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. सोनू के खिलाफ तिसरा, झरिया, पुटकी व लोयाबाद थाना में चोरी के मामले दर्ज हैं. एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि आरोपी सोनू सिन्हा चकमा देकर फरार हो गया. इस मामले में उस दौरान ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है. तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है.

15 अगस्त को सरायढेला व धनबाद थाना क्षेत्र से चुरायी गयी थी बाइक :

सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि दो बाइक 15 अगस्त को धनबाद थाना क्षेत्र व सरायढेला थाना क्षेत्र से चोरी की गयी थी. वहीं तीन अन्य बाइक की डिटेल निकाली जा रही है. इनलोगों ने तीनों बाइक का इंजन नंबर व चेसिस नंबर मिटा दिया था. अपराधी चोरी की बाइक ग्रामीण इलाके में बेचते थे. यदि खरीदार नहीं मिला, तो बाइक का पार्ट्स अलग-अलग कर बेचा जाता था. इसके बाद उससे मिले पैसे सभी आपस में बांट लेते थे.

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By NARENDRA KUMAR SINGH

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