घटना एक : बीसीसीएल के जर्जर सेप्टिक टैंक में गिरा बच्चा, बची जान
Dhanbad News: सुदामडीह थानांतर्गत डी-नोबिली मोड़ स्थित बीसीसीएल भूली टाइप कॉलोनी के एक सेप्टिक टैंक में मंगलवार को खेलने के दौरान एक बच्चा गिर गया. आसपास बैठे लोगों ने आनन-फानन में उसे टैंक से उसे बाहर निकाल लिया. एक स्थानीय नर्सिंग होम में प्राथमिक इलाज के बाद वह सामान्य है.शिकायत पर विभाग हुआ रेस
: बताया जाता है कि बीसीसीएल कर्मी राबड़ी देवी का आवास के सेप्टिक टैंक का स्लैब जर्जर था. खेलने के दौरान यह घटना घटी. कोलकर्मी राबड़ी देवी ने बताया कि टैंक व आवास की मरम्मत को ले कई बार विभाग को सूचित किया गया, पर कोई पहल नहीं हुई. आवास की छत के जर्जर होने से कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. इधर, लोजपा के जिला नगर अध्यक्ष रामनंदन पासवान ने सीएमडी सहित कोल मंत्रालय को पत्र लिखकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है.जल्द मरम्मत करायी जायेगी : अभियंता
: मामले में क्षेत्रीय असैनिक अभियंता मुकेश कुमार ने कहा कि उक्त स्थल पर काम लगाया जायेगा. इसके लिए विभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया है.घटना दो : प्रदूषण : भौंरा ए पैच में धूलकण के उड़ते गुब्बार से जीवन सांसत में
मंगलवार की सुबह आठ बजे फायर परियोजना भौंरा फोर ए पैच में ओबी खिसकने करने से धूलकण का गुब्बार उड़ने लगा. इससे इलाके में अंधेरा पसर गया. धूलकण से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. इस दृष्य को देखने के लिए भौंरा बाजार, अस्पताल मोड़ व मोहल्ले के लोग घरों से बाहर निकल गये. कई लोगों ने इस धूलकण के गुब्बार को अपने मोबाइल में कैद किया. लोगों का कहना था कि इस तरह की स्थिति रोज की रहती है. इस संबंध में भौंरा के सामाजिक कार्यकर्ता लालचंद महतो ने कहा कि ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर पानी का छिड़काव कारगर नहीं है. भौंरा में घनी आबादी के बीच बीसीसीएल ने कांटा घर खोल रखा है. इससे भी लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. कांटा घर के कारण रात दिन कोयला ट्रांसपोर्टिंग में लगे सैकड़ों भारी वाहनों का मुख्य सड़क पर आना-जाना लगा रहता है. शासन, प्रशासन व बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से लोगों के जीवन को इस प्रदूषण से मुक्ति दिलाने को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाये जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
