Dhanbad News: छत्तीसगढ़ में लापता पांचों प्रवासी मजदूर सकुशल घर लौटे, कहा- वहां से नहीं भागते, तो सभी की चली जाती जान

Dhanbad News: घायल दोनों मजदूरों की हालत नाजुक, छत्तीसगढ़ में चल रहा है इलाज

Dhanbad News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ठेकेदार की पिटाई के बाद से लापता पांचों प्रवासी मजदूर बुधवार को सकुशल अपने घर लौट आये हैं. इसमें तोपचांची के लक्ष्मणपुर गांव के तीन प्रवासी मजदूर बाबूलाल राज, सूरज कुमार राय, महेंद्र सिंह, महुदा के मो शाकिल तथा बोकारो के नावाडीह प्रखंड के सुरही गांव के कमल सिंह शामिल हैं. मजदूरों ने बताया कि घायल लक्ष्मणपुर गांव के दो प्रवासी मजदूर अजय राय व विकास हेंब्रम का इलाज छत्तीसगढ़ के अस्पताल में चल रहा है. दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है. विदित हो कि सोमवार की रात छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा-दुर्ग रेल मार्ग पर कुसुमकसा स्टेशन के पास तोपचांची के दो प्रवासी मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत हो गयी थी. जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गये. वहीं धनबाद व बोकारो के पांच मजदूर लापता थे.

मजदूरों ने सुनायी आपबीती

छत्तीसगढ़ से सकुशल लौटे लक्ष्मणपुर के बाबूलाल राज, सूरज कुमार राय, महेंद्र सिंह ने अपने गांव में घटना की आपबीती बताते हुए कहा कि सोमवार की रात मजदूरी को लेकर कंपनी के आशुतोष कुमार व सायन मंडल (दोनों सुपरवाइजर) के बीच विवाद हो गया था. तय मजदूरी 600 रुपये के बजाये 400 रुपया दिया जा रहा था. इसका विरोध करने पर ठेकेदार ने स्थानीय लोगों को बुला कर हमलोगों के साथ मार पीट करना शुरू कर दी. इसके बाद हम सभी मजदूर वहां से जंगल के रास्ते भागने लगे. लेकिन रात होने तथा इलाके की भौगोलिक जानकारी नहीं होने से हम दो गुटों में बंट गये. हम चार लोग एक साथ थे. रात भर पैदल चल कर एनएच तक पहुंचे. फिर से बस पकड़ कर रायपुर स्टेशन पहुंचे. लेकिन पैसे नहीं होने के कारण खाना व किराया को लेकर घर में फोन किया और पैसे मंगाये. इसके बाद ट्रेन से कतरासगढ़ स्टेशन बुधवार की सुबह पहुंचे और अपने घर पहुंचे. महेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मजदूरों को जान से मारने का प्रयास किया गया था. वहां से हम नहीं भागते, तो सभी की जान चली जाती.

ग्रामीणों ने प्रशासन से की दोनों प्रवासी मजदूरों का शव लाने की

इधर, उपायुक्त कार्यालय पहुंचे लक्ष्मणपुर के ग्रामीणों ने प्रशासन से कंपनी से मुआवजा दिलाने तथा दोनों मृतकों का शव कंपनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ से गांव लाने की मांग की है. घायल मजदूरों का बेहतर इलाज कराने व मुआवजा देने की मांग की है.

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