Dhanbad News: जो लोग पर्दे के पीछे से झरिया को जबरन खाली कराने में लगे हैं. वहीं लोग आज तिसरा की घटना के बाद दिखावा करने को घड़ियाली आंसू बहाकर लोगों को दिग्भ्रमित करने में लगे हैं. झरिया के सत्ता के लोग एवं आउटसोर्सिंग प्रबंधन दोनों एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं, जिसके चलते कुछ महीने में यह पता चलेगा कि यह शहर तथा गांव कभी झरिया में था. यह बातें झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने रविवार को रघुकुल परिवार की ओर से जामाडोबा कालीमेला दामोदर नदी घाट पर आयोजित वन भोज सह मिलन समारोह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं. कहा कि उनके कार्यकाल में किसी की हिम्मत नहीं हुई कि झरिया में एक भी घर को जबरन खाली करा दे, लेकिन आज आउटसोर्सिंग के ठेकेदार झरिया के सत्ता पक्ष के संरक्षण में लोगों को गुंडों के बल पर जबरन भगाने का काम किया जा रहा है. या फिर उसके आतंक से सभ्य लोग भागने को मजबूर हैं. अपराधी किस्म के लोग बीसीसीएल के कर्मचारियों को पीट रहे हैं.
समर्थन, विरोध का खेल नहीं चल सकता
श्रीमती सिंह ने कि कुछ जन प्रतिनिधि रंग बदलना छोड़कर जनता के हित में काम करें. आउटसोर्सिंग का समर्थन और विरोध दोनों एक साथ नहीं चल सकता है. कहा कि जल्द ही विस्थापन को लेकर झरिया के लोगों को एक खुश खबरी मिलेगी. झरिया के लोगों से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, संघर्ष करें रघुकुल परिवार ईमानदारी से उसके साथ खड़ा मिलेगा. मौके पर जमसं बच्चा गुट के महामंत्री अभिषेक सिंह, हर्ष सिंह, आदर्श सिंह, उमाशंकर शाही, मल्लू सिंह, सुबोध सिंह, आफताब आलम, मुख्तार खान, मुन्ना सिंह, चंदन महतो, शिव प्रकाश सिंह, हरेंद्र यादव सहित कई मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
