आरोग्य भारती (महिला आयाम) और असर्फी हॉस्पिटल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को कैंसर जागरूकता शिविर का आयोजन बलियापुर रोड के जस्ट डाइनिंग में किया. इसमें महिलाओं में तेजी से फैल रहे ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण व बचाव के बारे में जानकारी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ नीतू सहाय व असर्फी अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ विप्लव मिश्रा ने दी. मुख्य अतिथि जिला परिषद की अध्यक्ष शारदा सिंह थीं. महिला आयाम की प्रांत प्रमुख रमा सिन्हा ने अध्यक्षता की. डॉ नीतू सहाय ने विस्तार से महिलाओं में कैंसर के प्रकार, इसके स्टेज और उनसे संबंधित जांच तथा बचाव से जुड़ी जानकारियां दीं. डॉ विप्लव मिश्रा ने प्रोजेक्टर के जरिये बीमारी के बारे में जानकारी दी. संचालन आरोग्य भारती की सचिव संगीता शर्मा तथा नीतू सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के अलावा आरोग्य भारती की सुषमा प्रसाद, मधु सिन्हा, अंजली कल्याणी, किरण सिन्हा, शोभा गुप्ता, शकुंतला देवी, सुशीला, नीलम, नीतू सिंह, नंदा, अनुराधा, गायत्री, संगीता श्रीवास्तव आदि उपस्थित थीं.
डॉक्टर बोले : इन कारणों से होता है ब्रेस्ट कैंसर :
जेनेटिक, ब्रेस्ट फीडिंग न कराना, बांझपन, मोटापा, मासिक जल्दी शुरू होना, देर से बंद होना आदि. यह किसी भी उम्र में हो सकता है.वैक्सीनेशन से होता है बचाव :
वर्तमान में सबसे ज्यादा मौतें ब्रेस्ट कैंसर से हो रही हैं. दूसरा सर्वाइकल कैंसर है. ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए सेल्फ एग्जामिनेशन जरूरी है. सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है. नौ से पैंतालीस साल की उम्र तक पांच टीके लगाये जाते हैं. तीस साल के बाद महिलाएं साल में एक बार स्क्रीनिंग करायें. सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
