डाक जीवन बीमा से जुड़े प्रस्तावों और सेवा अनुरोधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डाक विभाग ने कामकाज की व्यवस्था में बदलाव किया है. अब डाक जीवन बीमा के केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्रों में होने वाले आंतरिक कार्य अलग-अलग पालियों में कराये जायेंगे. विभाग ने इस व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया है.
एक साथ कई सत्र चलने से बढ़ा था दबाव
विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में डाक जीवन बीमा से संबंधित प्रस्तावों और सेवा अनुरोधों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसके चलते केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्रों में एक ही समय पर कई सत्र संचालित हो रहे थे. इससे तकनीकी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था और काम के प्रवाह में रुकावट की स्थिति बन रही थी.
बदलाव से तकनीकी दिक्कतें होंगी कम
बदलाव का उद्देश्य काम के दबाव को अलग-अलग समय में बांटना और एक साथ बड़ी संख्या में काम होने से पैदा होने वाली तकनीकी दिक्कतों को कम करना है. महीने के दौरान लंबित कार्यों के अधिक से अधिक निपटारे के प्रयास के दौरान समस्या और गंभीर हो रही थी. अब काम को अलग-अलग पालियों में बांटकर इस दबाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी.
काम के समान वितरण से निपटारे में आयेगी तेजी
नई व्यवस्था के तहत केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्रों में होने वाले प्रमुख आंतरिक कार्यों को अलग-अलग पालियों में बांटा जायेगा. इससे सामान्य कार्यालय समय में एक साथ अत्यधिक काम जमा होने से बचने की उम्मीद है.
प्रस्तावों का निपटारा होगा तेज
डाक विभाग का मानना है कि काम के समान वितरण से प्रस्तावों के निपटारे में तेजी आएगी. साथ ही सेवा अनुरोधों के समय पर निपटारे और पूरी व्यवस्था की कार्यक्षमता में सुधार होगा. सभी मंडलों को निर्धारित पाली व्यवस्था का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.
फीडबैक के बाद हो सकता है संशोधन
विभाग के अनुसार, नयी व्यवस्था लागू होने के बाद सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक बदलाव किये जा सकते हैं.
