निरसा प्रखंड के पांडरा मोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हलचल बढ़ गई, जब झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर इन-चीफ डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने केंद्र का औचक निरीक्षण किया. उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में भी सक्रियता बढ़ गई.
जर्जर भवन को लेकर डीसी से की बात
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, पेयजल और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया. जर्जर भवन, भवन से पानी का रिसाव, 108 एंबुलेंस में दो एंबुलेंस खराब रहने के मामले में उन्होंने सीएचसी के प्रभारी डा मृणाल श्रीवास्तव को उपायुक्त आदित्य रंजन से बात कर समस्या समाधान करने की बात कही.
निरीक्षण के दौरान डॉ. सान्याल ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों के इलाज तथा उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी ली. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया. साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में जहां भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
पेयजल की समस्या पर विधायक से की बात
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल की समस्या भी सामने आई. अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को हो रही पेयजल संबंधी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने निरसा के विधायक अरूप चटर्जी से फोन पर बातचीत की. उन्होंने विधायक से अस्पताल की पेयजल समस्या के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग करने की बात कही. स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी द्वारा समस्या को गंभीरता से लिए जाने के बाद अस्पताल में पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है.
