SNMMCH में ऑक्सीजन व्यवस्था मजबूत करने की योजना को झटका, पीएसए और लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के जारी टेंडर चौथी बार रद्द

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में वर्षों से बंद ऑक्सीजन प्लांटों की मरम्मत की उम्मीद फिर टूट गई है. पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के लिए जारी टेंडर चौथी बार रद्द हो गए हैं. इससे अस्पताल की ऑक्सीजन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में वर्षों से खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांटों की मरम्मत की उम्मीद एक बार फिर टूट गयी है. 1000 एलपीएम और 600 एलपीएम क्षमता वाले पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए जारी टेंडर चौथी बार रद्द हो गया है. वहीं अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना भी फिलहाल अधर में लटक गयी है, क्योंकि इसके लिए जारी टेंडर में भी कोई संवेदक शामिल नहीं हुआ. लगातार टेंडर रद्द होने से अस्पताल की ऑक्सीजन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

तीन पीएसए प्लांट में दो वर्षों से बंद

कोरोना काल के दौरान पीएम केयर्स फंड से एसएनएमएमसीएच में तीन पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किये गये थे. इनमें एक की क्षमता 1000 एलपीएम तथा दो प्लांट की क्षमता 600-600 एलपीएम थी. स्थापना के कुछ समय बाद ही 1000 एलपीएम और एक 600 एलपीएम क्षमता वाला प्लांट खराब हो गया. तब से दोनों प्लांट बंद पड़े हैं.

अस्पताल प्रबंधन ने कई बार मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया, लेकिन संवेदकों की रुचि नहीं दिखने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. चौथी बार भी टेंडर रद्द होने से दोनों प्लांटों के जल्द चालू होने की उम्मीद को झटका लगा है.

लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की योजना भी अटकी

मरीजों की बढ़ती संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना बनायी गयी थी. इसके लिए करीब दो माह पहले टेंडर जारी किया गया था, लेकिन इसमें भी कोई संवेदक शामिल नहीं हुआ. परिणामस्वरूप टेंडर रद्द करना पड़ा.

अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने से ऑक्सीजन आपूर्ति का एक मजबूत और स्थायी विकल्प उपलब्ध हो सकता था, लेकिन फिलहाल यह योजना आगे नहीं बढ़ पायी है.

एकमात्र चालू प्लांट के भरोसे अस्पताल

वर्तमान में अस्पताल में 600 एलपीएम क्षमता वाला केवल एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट ही कार्यरत है. इसी प्लांट से विभिन्न वार्डों, आईसीयू, इमरजेंसी और ऑपरेशन थियेटर तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.

हालांकि इस प्लांट में भी समय-समय पर तकनीकी खराबी आने की शिकायत सामने आती रही है. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के सामने इसे लगातार सुचारु रखने की चुनौती बनी हुई है. एकमात्र प्लांट में किसी प्रकार की खराबी आने पर अस्पताल को वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर होना पड़ सकता है.

ऑक्सीजन सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

गंभीर मरीजों के उपचार में ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है. इसके बावजूद दो पीएसए प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं और लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की योजना भी आगे नहीं बढ़ पा रही है. इससे अस्पताल की दीर्घकालिक ऑक्सीजन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

क्या बोले अधीक्षक

एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ. डीके गिंदौरिया ने कहा कि पीएसए प्लांट की मरम्मत और लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापना के लिए जारी टेंडर में संवेदकों के शामिल नहीं होने के कारण प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी है. उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर आगे फिर से टेंडर जारी किया जायेगा, ताकि अस्पताल की ऑक्सीजन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके.


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By Vicky Prasad

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