Dhanbad News: आज से नवरात्र शुरू, घर-घर में स्थापित होगा कलश

Dhanbad News: इस बार कलश स्थापना का समय ब्रह्ममुहूर्त से प्रारंभ होकर रात्रि तक है. कलश स्थापना सोमवार को चंद्रयायनी व्रत में पड़ रहा है. 50 साल बाद यह दुर्लभ संयोग बन रहा है.

शारदीय नवरात्र की शुरुआत आज से हो रही है. मंदिरों व पूजा पंडालों समेत घर-घर में अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना की जायेगी. शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को मां शैलपुत्री की आराधना की जायेगी. वेदाचार्य पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्र 10 दिवसीय होगा. 22 सितंबर से होने वाले नवरात्र का समापन दो अक्तूबर को विजयादशमी के साथ होगा. नवरात्र में मां के नौ रूपों की पूजा की जायेगी. नवमी तिथि को हवन पूर्णाहुति के बाद कलश का विसर्जन होगा. पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मां की प्रतिमा का विसर्जन एकादशी को करना चाहिए. इस बार दशमी तिथि गुरुवार को पड़ रही है. शास्त्रों के अनुसार मंगलवार, गुरूवार और रविवार को बेटी व बहू की विदायी नहीं होती है. इस बार कलश स्थापना का समय ब्रह्ममुहूर्त से प्रारंभ होकर रात्रि तक है. कलश स्थापना सोमवार को चंद्रयायनी व्रत में पड़ रहा है. 50 साल बाद यह दुर्लभ संयोग बन रहा है.

पहले दिन दिन किया जायेगा मां शैलपुत्री का आह्वान

शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना की जायेगी. पर्वत राज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा. मां शैलपुत्री की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मां का यह स्वरूप शांत और सौम्य है. इनके वामहस्त में कमलपुष्प और दाहिने हाथ में त्रिशूल है. माता की पूजा करने से जातक को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है. इन्हें सफेद रंग के खाद्य पदार्थ का भोग लगाया जाता है.

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Author: MAYANK TIWARI

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