Dhanbad News: बीबीएमकेयू में पीजी कोर्स का नया रेगुलेशन लागू करने की तैयारी

Dhanbad News: मार्किंग और क्रेडिट सिस्टम का प्रस्ताव तैयार, दो वर्षीय पीजी कोर्स में पहले वर्ष के बाद विद्यार्थियों को एग्जिट का अवसर मिलेगा, एकेडमिक काउंसिल और सिंडीकेट से मंजूरी के बाद 2026 से लागू करने की योजना.

धनबाद, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कोर्स के लिए नये रेगुलेशन लागू करने की तैयारी तेज हो गयी है. विश्वविद्यालय प्रशासन वर्ष 2026 से पीजी प्रोग्राम में नये मार्किंग और क्रेडिट आधारित सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रहा है. इसके तहत सोशल साइंस, ह्यूमैनिटीज, कॉमर्स और साइंस विषयों के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम संरचना तैयार की गयी है. तैयार प्रस्ताव को जल्द ही विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल और सिंडीकेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा.

नये रेगुलेशन के अनुसार इस वर्ष शुरू होने वाले पीजी प्रोग्राम में विद्यार्थियों के पास दो प्रकार के कोर्स का विकल्प रहेगा. चार वर्षीय ग्रेजुएट प्रोग्राम से आने वाले विद्यार्थी एक वर्षीय पीजी कोर्स चुन सकेंगे. वहीं तीन वर्षीय ग्रेजुएट डिग्री वाले छात्रों को दो वर्षीय पीजी कोर्स करना होगा. विश्वविद्यालय का मानना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) के अनुरूप होगी और इससे विद्यार्थियों को लचीला एवं कौशल आधारित शिक्षण अवसर मिलेगा.

40 क्रेडिट का होगा एक वर्षीय पीजी कोर्स

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार एक वर्षीय पीजी कोर्स कुल 40 क्रेडिट का होगा. इसे दो सेमेस्टर में संचालित किया जाएगा. प्रत्येक सेमेस्टर 20 क्रेडिट का होगा और एक सेमेस्टर में कुल 500 अंक निर्धारित किये गये हैं. इस तरह पूरे कोर्स का मूल्यांकन सेमेस्टर आधारित प्रणाली के तहत चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. पाठ्यक्रम संरचना में कोर कोर्स, स्किल एन्हांसमेंट कोर्स, इलेक्टिव कोर्स और प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है. अधिकांश पेपर चार-चार क्रेडिट के होंगे. प्रत्येक थ्योरी पेपर में 30 अंक का मिड सेमेस्टर मूल्यांकन और 70 अंक की एंड सेमेस्टर परीक्षा होगी. इस प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थियों के निरंतर मूल्यांकन को सुनिश्चित करना है.

पहले सेमेस्टर में कोर और स्किल एन्हांसमेंट कोर्स

सोशल साइंस, ह्यूमैनिटीज और कॉमर्स विषयों के प्रस्तावित पाठ्यक्रम में पहले सेमेस्टर में चार कोर पेपर और एक स्किल एन्हांसमेंट कोर्स रखा गया है. इसमें एक कोर पेपर इंडियन नॉलेज सिस्टम पर आधारित होगा. स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के तहत रिपोर्ट राइटिंग, प्रोजेक्ट प्रिपरेशन, डाटा एनालिसिस और बेसिक स्टैटिस्टिक्स जैसे विषयों को शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शोध, लेखन और विश्लेषण संबंधी व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है. प्रत्येक पेपर चार क्रेडिट का होगा. इस प्रकार पांच पेपर मिलाकर पहले सेमेस्टर में कुल 20 क्रेडिट निर्धारित किये गये हैं.

दूसरे सेमेस्टर में प्रोजेक्ट और इलेक्टिव का विकल्प

दूसरे सेमेस्टर में दो कोर पेपर और दो इलेक्टिव पेपर होंगे. इसके साथ ही चार क्रेडिट का प्रोजेक्ट या डिसर्टेशन अनिवार्य रखा गया है. प्रोजेक्ट का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को शोध आधारित अध्ययन का अनुभव मिलेगा. प्रत्येक पेपर चार क्रेडिट का होगा. इस प्रकार दूसरे सेमेस्टर में भी कुल 20 क्रेडिट निर्धारित किये गये हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन से विद्यार्थियों की शोध क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच विकसित होगी.

साइंस विषयों में प्रैक्टिकल पर विशेष जोर

साइंस विषयों के लिए तैयार प्रस्ताव में प्रयोगशाला आधारित अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया है. कोर कोर्स और स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के साथ प्रैक्टिकल को भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. कोर कोर्स के चार पेपर होंगे, जिनमें एक पेपर इंडियन नॉलेज सिस्टम पर आधारित होगा और एक पेपर प्रैक्टिकल से संबंधित होगा. प्रैक्टिकल कोर्स का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को प्रयोगशाला आधारित अध्ययन और शोध प्रक्रिया से जोड़ने का अवसर मिलेगा. दूसरे सेमेस्टर में कोर पेपर के साथ इलेक्टिव पेपर, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट को भी शामिल किया गया है.

वैल्यू एडेड कोर्स भी होगा अनिवार्य

नये प्रस्ताव के अनुसार पहले सेमेस्टर में प्रत्येक विद्यार्थी को दो क्रेडिट का एक वैल्यू एडेड कोर्स लेना अनिवार्य होगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अतिरिक्त ज्ञान, व्यावहारिक दक्षता और बहुआयामी कौशल प्रदान करना है.

दो वर्षीय पीजी कोर्स में मिलेगा एग्जिट विकल्प

नये रेगुलेशन के तहत दो वर्षीय पीजी कोर्स में भी लचीलापन रखा गया है. इस कोर्स में छात्रों को पहले वर्ष यानी दो सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद एग्जिट का विकल्प मिलेगा. ऐसे छात्रों को पीजी डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दिया जाएगा. दो वर्षीय पीजी कोर्स कुल 80 क्रेडिट का होगा और प्रत्येक सेमेस्टर 20 क्रेडिट का होगा.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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