शहीद निर्मल म���तो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जल्द ही मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी लैब की शुरुआत होगी. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. इस लैब के शुरू होने से मरीजों के वायरल संक्रमण से जुड़े सैंपलों की जांच, बीमारी की पहचान व समय पर इलाज में मदद मिलेगी. यह लैब आधुनिक तकनीक से लैस होगी. यहां डीएनए और आरएनए आधारित जांच की व्यवस्था होगी. सामान्य जांच में जहां संक्रमण की पुष्टि में कई दिन लग जाते हैं. वहीं इस लैब में कुछ ही घंटों में नतीजे मिल जायेंगे.
इन बीमारियों की जांच में मिलेगी मदद :
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ सुजीत कुमार तिवारी ने बताया कि लैब के माध्यम से विभिन्न वायरल रोगों की पहचान तेजी से हो सकेगी. इनमें डेंगू, चिकनगुनिया के अलावा हेपेटाइटिस-बी और सी, एचआइवी, स्वाइन फ्लू, कोरोना वायरस व अन्य वायरल संक्रमण की जांच हो सकेगी.अभी जांच के लिए रिम्स भेजा जाता है मरीजों का सैंपल :
जिले में अबतक संक्रमण से जुड़े बीमारियों की जांच की सुविधा नहीं है. ऐसे में संक्रमण से जुड़ी बीमारियों की जांच के लिए मरीजों का सैंपल कलेक्ट कर रिम्स भेजा जाता है. इससे समय की बर्बादी होती है. कई मामलों में देर से जांच रिपोर्ट मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ जाता है. मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी लैब के शुरू होने से ये सभी जांच धनबाद में ही हो सकेंगे.चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगा बल :
एसएनएमएमसीएच धनबाद समेत झारखंड का प्रमुख मेडिकल कॉलेज है. यहां लैब की स्थापना से छात्रों और शोधकर्ताओं को भी फायदा होगा. इस लैब की स्थापना से वायरोलॉजी क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और नए संक्रमणों की रोकथाम व इलाज करना आसान होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
