बड़ापिछरी में छह एकड़ सरकारी जमीन पर बनेंगे कचरा प्रबंधन संयंत्र

धनबाद नगर निगम क्षेत्र में अवशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. गोविंदपुर अंचल में 6 एकड़ सरकारी जमीन पर कचरा प्रबंधन संयंत्रों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित कीमत 109.83 करोड़ रुपये है.

धनबाद नगर निगम क्षेत्र में अवशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने गोविंदपुर अंचल के बड़ापिछरी मौजा में छह एकड़ सरकारी भूमि नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है. इस जमीन पर निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन तथा जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के लिए संयंत्र स्थापित किये जायेंगे. जमीन की अनुमानित कीमत 109.83 करोड़ रुपये आंकी गयी है.

निर्माण एवं जैव-चिकित्सीय कचरे का होगा वैज्ञानिक प्रबंधन

हस्तांतरित की जाने वाली भूमि बड़ापिछरी मौजा संख्या 86, हाल सर्वे खाता संख्या 401 और हाल सर्वे प्लॉट संख्या 2694 में स्थित है. कुल छह एकड़ भूमि पर निर्माण एवं मलबा प्रबंधन व प्रसंस्करण संयंत्र, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट संयंत्र और उपचार संयंत्र स्थापित करने की योजना है. इन संयंत्रों के बनने से नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा.

109.83 करोड़ रुपये आंकी गयी जमीन की कीमत

राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन का मूल्यांकन किया गया. पिछले तीन वर्षों में पंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर संबंधित क्षेत्र में अधिकतम मूल्य वाली 50 प्रतिशत पंजीकृत दस्तावेजों के औसत मूल्य के आधार पर जमीन की दर 4,50,595.5285 रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की गयी. छह एकड़ जमीन की कुल देय राशि करीब 109.83 करोड़ रुपये आंकी गयी है. हालांकि, सरकारी विभागों के बीच अंतर्विभागीय निःशुल्क हस्तांतरण के प्रावधान के तहत यह भूमि बिना किसी राशि के हस्तांतरित की जा रही है.

छह माह में काम शुरू नहीं हुआ तो वापस होगी जमीन

जिला प्रशासन ने भूमि हस्तांतरण के साथ समयबद्ध शर्त भी तय की है. यदि संबंधित विभाग छह महीने के भीतर निर्धारित उद्देश्य के लिए निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है, तो भूमि स्वतः राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को वापस हो जायेगी. वहीं, 12 महीने के भीतर भूमि का उपयोग नहीं किये जाने पर भी जमीन वापस करने का प्रावधान रखा गया है.

अधिकारियों की अनुशंसा के बाद मिली स्वीकृति

भूमि हस्तांतरण के लिए गोविंदपुर अंचल अधिकारी के प्रस्ताव पर एलआरडीसी, धनबाद और एसडीओ, धनबाद की अनुशंसा ली गयी. इसके बाद उपायुक्त ने भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की. आदेश में कहा गया है कि भूमि हस्तांतरण से जुड़ी अन्य शर्तें सरकारी नियमों, एस्टेट मैनुअल और समय-समय पर जारी सरकारी निर्देशों के अनुरूप लागू होंगी.


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By Shobhit ranjan

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