नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में सोमवार को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने अपना फैसला सुनाया. अदालत ने मामले के नामजद आरोपी सिजुआ निवासी राहुल रजवार को उम्रकैद व 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनायी है. अपर लोक अभियोजक समित प्रकाश ने सजा की बिंदु पर बहस की. एक मार्च को अदालत ने उसे दोषी करार दिया था. प्राथमिकी जोगता थाने में पीड़िता की मां की शिकायत पर 16 जून 2024 को दर्ज की गयी थी. इसके मुताबिक 15 जून, 2024 की शाम करीब छह बजे पीड़िता की मां पानी लाने के लिए बाहर गयी थी. वह वापस आयी, तो देखी कि उसकी 12 वर्ष की बच्ची घर में नहीं है. रात करीब आठ बजे पीड़िता घर में जख्मी हालत में वापस आयी. उसने बताया कि राहुल उसे बाइक से घुमाने का बहाना बनाकर बहला फुसलाकर अपने साथ सुनसान जंगल में ले गया. जहां उसके साथ दुष्कर्म किया.
नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी करार, सजा पर फैसला आज :
शादी की नीयत से नाबालिग को बहला फुसला कर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में धनबाद पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने सोमवार को नामजद आरोपी कालू बथान निरसा निवासी आकाश बाउरी को दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला चार मार्च को होगा. अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक समित प्रकाश ने किया. प्राथमिकी पीड़िता की मां की शिकायत पर 20 मई 2024 को दर्ज की गयी थी. इसमें कहा गया कि जब पीड़िता शौच करने के लिए गयी थी, तो आकाश बहला फुसला कर उसे बाइक पर बैठाकर अपने दोस्त के घर बंगाल ले गया. फिर वहां से अपने दोस्त के यहां गया. जहां दो दिन दोनों रहे, फिर अपने पिता के मामा के यहां गया, जहां पांच दिन रुका. पीड़िता ने दावा किया कि इस दौरान आकाश ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
