धनबाद.
लिंडसे क्लब में शिल्पे अनन्या त्रैमासिक बंगला पत्रिका द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चतुर्थ लघु पत्रिका मेला सह सम्मेलन का समापन रविवार को हो गया. आज कार्यक्रम की शुरुआत केंदुआ डेफोडिल स्कूल के बच्चों व शिक्षकों ने महिषासुर मर्दनी पर मोहक नृत्य – नाटिका प्रस्तुत कर की. समापन सत्र में मुख्य विषय ””भाषाओं का विकास आपसी सहयोग एवं समन्वय से संभव है”” पर परिचर्चा की गयी. संचालन करते हुए डॉ काशीनाथ चटर्जी ने कहा कि वर्तमान में समाज को तोड़ने के लिए विभिन्न हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसे में उक्त विषय पर संवाद करना जरूरी है. हमें बार-बार संवाद करना होगा. वहीं हिंदी लेखक रणेंद्र ने भारत में भाषाओं का इतिहास बताते हुए कहा कि भाषाएं अलग-अलग नहीं हैं, केवल उनके रूप बदलते हैं. भाषाओं में अंत: संबंध है, जो भारत को जोड़ने में अहम भूमिका अदा करते है. पश्चिम बंगाल के सुशील महतो ने कहा कि मातृ भाषा के लिए आंदोलन जरूरी है. उच्च शिक्षा में भी मातृ भाषा में पढ़ाई होनी चाहिए. खोरठा विभाग के प्रो दिनेश दिनमणि ने बताया झारखंड में 170 भाषाएं हैं. इनमें 16 बोलचाल में है और 9 मान्यता प्राप्त है . जिन्हें स्कूल में कक्षा आठवीं से पढ़ाया जाता है. लघु पत्रिका का भाषा विकास में महत्वपूर्ण योगदान है. डॉ दयामय राय ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य की चर्चा अनिवार्य है. मनमोहन पाठक, तपन सरकार, व्रतीन देवधरिया, नारायण चंद्र मंडल पत्रकार, प्रो. तन्मय वीर, श्रींजय मंडल व प्रो एआइ खान ने भी अपने विचार रखे.उत्कृष्ट कार्य के लिए किया गया सम्मानित
दूसरे सत्र में प्रो. अर्चना सिन्हा स्मृति सम्मान के लिए समाज में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले सात लोगों का चयन किया गया. इनमें डॉ सुनील सिन्हा को स्वास्थ्य के क्षेत्र में, प्रो. राहुल देव मंडल व प्रो. अनसूया को भरत नाट्यम, भोला नाथ राम को शिक्षा व सामाजिक कार्य, विकास कुमार ठाकुर को सामाजिक कार्य, तनुश्री गोराई को लेखिका, रीना भौमिक, प्रदीप अधिकारी लेखक को सम्मानित किया गया.
ये रहे सक्रिय
कार्यक्रम में आयोजन समिति के परेश नाथ बनर्जी, विश्वजीत गुप्ता, पार्थो सेनगुप्ता, रवि सिंह, भोला नाथ राम, विकास कुमार ठाकुर, हेमंत कुमार जायसवाल, रानी मिश्रा, शर्मिष्ठा सरकार, मधेश्वर नाथ भगत, रजनीकांत मिश्रा, मनोज मजूमदार, लीलामय गोस्वामी, सपन माजी, गायत्री आचार्जी, रतन सिन्हा, अविनाश सिन्हा, बरनाली गुप्ता, मोमैत्री दासगुप्ता, मैत्री गुप्ता, विकास गुप्ता, भोलानाथ सिंह, शमीम, लालमोहन आदि सक्रिय रहे. मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. डॉ. डीके सेन, सचिव डॉ काशीनाथ चटर्जी व सदस्यों ने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को सम्मानित किया.
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