डीएमसी मॉल में दो दिवसीय शिल्पोत्सव शुरू, 51 स्टॉल में सजी झारखंड की कला-संस्कृति

धनबाद में स्थानीय कला, हस्तशिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय शिल्पोत्सव का शुभारंभ हुआ है. इस उत्सव में रागी उत्पाद, जूट-बांस की कलाकृतियां, सोहराय पेंटिंग और मिथिला कला सहित कई अनूठी वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं.

स्थानीय कला, हस्तशिल्प और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से धनबाद जिला प्रशासन की ओर से रविवार को बैंक मोड़ स्थित डीएमसी मॉल में दो दिवसीय शिल्पोत्सव का शुभारंभ किया गया. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, डीडीसी सन्नी राज और नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने 51 स्टॉलों का निरीक्षण कर शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया.

रागी उत्पाद, जूट-बांस की कलाकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र

शिल्पोत्सव में जीआई टैग प्राप्त केसरिया कलाकंद, रागी लड्डू, रागी निमकी, रागी कुरकुरे, रागी मिक्सचर, रागी आटा और रागी बिस्किट लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. इसके अलावा जूट बैग, जूट क्राफ्ट, हस्तनिर्मित टोकरी, लकड़ी की कलाकृतियां, फेस मोल्ड आर्ट, मुखौटा निर्माण, मसाला उत्पाद, अगरबत्ती, पूजा सामग्री और बेकरी उत्पादों के स्टॉल भी सजाये गये हैं.

सोहराय पेंटिंग, टेराकोटा और मिथिला कला ने बढ़ाई शोभा

मेले में सोहराय पेंटिंग, टेराकोटा, मेटल क्राफ्ट, सजावटी मोमबत्तियां, एप्लिक वर्क, जूट और बांस से निर्मित पर्यावरण अनुकूल उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वहीं, मिथिला कला से जुड़ी कलाकृतियों और घर में तैयार जैविक अचार, लाह की चूड़ियां तथा क्रोशिया उत्पादों को भी लोगों की सराहना मिल रही है.


कलाकृतियां देखते उपायुक्त

छात्राओं की राखियां और केले के पत्ते की पूजा प्लेट को मिली सराहना

शिल्पोत्सव में स्कूली छात्राओं की प्रतिभा को भी मंच दिया गया है. झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बगुला की छात्राओं द्वारा तैयार राखियां और केले के पत्तों से बनी पूजा प्लेट लोगों को आकर्षित कर रही हैं. गांधी बालिका विद्यालय, गोविंदपुर की छात्राओं के उत्पाद भी प्रदर्शित किये गये हैं.

शिल्पकारों को स्थायी बाजार से जोड़ने का होगा प्रयास : डीसी

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि शिल्पोत्सव ग्रामीण कला, शिल्प और स्थानीय संस्कृति का भव्य संगम है. इसका उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों और माटी कलाकारों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उनकी आय बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिल्पकारों के उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा. साथ ही लोगों से स्थानीय शिल्पकारों के उत्पाद खरीदकर उनकी कला और मेहनत को प्रोत्साहित करने की अपील की.

बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

कार्यक्रम में एसडीओ लोकेश बारंगे, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) अरविंद कुमार ओझा, जेएसएलपीएस की डीपीएम सुदिप्ता बनर्जी, सीओ बलियापुर मुरारी नायक, जीएम डीआईसी संजीत कुमार, डीईओ अभिषेक झा समेत कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shobhit ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >