जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर झिलिया नदी पर निर्माणाधीन पुल के पास बनाये गये डायवर्सन और जलापूर्ति की राइजिंग पाइपलाइन को अपनी चपेट में ले लिया. मंगलवार को नदी में आये तेज बहाव के कारण डायवर्सन पूरी तरह बह गया.
इससे मैथन मोड़ से संजय चौक जाने वाले पथ निर्माण विभाग की सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गयी. घटना के बाद स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
तेज बारिश और बढ़ते जलस्तर से नुकसान
झिलिया नदी पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है. निर्माण अवधि के दौरान यातायात संचालन के लिए अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था. साथ ही कुमारधुबी ग्रामीण जलापूर्ति योजना की राइजिंग पाइपलाइन भी इसी मार्ग से होकर गुजर रही थी. तेज बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर से डायवर्सन और पाइपलाइन दोनों बह गये. इससे सड़क टूट गयी और जलापूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गयी.
वैकल्पिक मार्ग और जलापूर्ति बहाली की मांग
मौजूदा स्थिति यह है कि पिछले चार दिनों से चिरकुंडा एवं कुमारधुबी क्षेत्र के लगभग एक लाख लोगों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. जलापूर्ति बंद रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है. कई मोहल्लों में टैंकरों एवं निजी साधनों से पानी की व्यवस्था की जा रही है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विभाग से अविलंब वैकल्पिक मार्ग तथा जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में डायवर्सन के बह जाने से आवागमन और पेयजल संकट की समस्या उत्पन्न होती है, पर स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी पहल नहीं हो सकी है.
