1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. dhanbad
  5. indian railways news dhanbad cites technical support for safe operation of konkan rail blast overcome by blasting at 100 places smj

Indian Railways News : कोंकण रेल के सुरक्षित परिचालन में धनबाद का सिंफर दे रहा तकनीकी सहयोग, 100 स्थानों पर ब्लास्टिंग कर दूर की बाधा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date

कोंकण रेलवे में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर धनबाद का सिंफर दे रहा तकनीकी सहयोग.
कोंकण रेलवे में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर धनबाद का सिंफर दे रहा तकनीकी सहयोग.
प्रभात खबर.

Indian Railways News, Jharkhand News (संजीव झा, धनबाद) : देश की महत्वपूर्ण रेलखंड कोंकण रेलवे में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) तकनीकी सहयोग दे रहा है. सिंफर की टीम लगातार इस रेल खंड में उत्पन्न हो रही समस्या खास कर पत्थर के टूटने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में लगी है. टीम ने अब तक एक सौ से अधिक स्थानों पर अवरोध दूर किया है.

क्या है योजना

कोंकण रेल सेक्टर में प्राय: चट्टाननुमा पत्थर खिसक कर ट्रैक पर आ जाता था. इसके चलते कई बार ट्रेनें भी दुर्घटनाग्रस्त हुईं या फिर ड्राइवर के देख लेने के बावजूद घंटों ट्रैक जाम हो जाता था. इससे ट्रेनों का परिचालन भी बाधित होता था. इसके बाद कोंकण रेल ने इस रेल खंड में पत्थरों को सुरक्षित तरीके से तोड़ने व ट्रेनों का परिचालन सामान्य करने के लिए सिंफर से संपर्क किया.

सिंफर की टीम ने क्षेत्र का दौरा करने के बाद पत्थरों को सुरक्षित तरीके से ब्लास्टिंग करने की योजना तैयार की. बाद में कोंकण रेलवे एवं सिंफर के बीच एमओयू हुआ. सिंफर के कम से कम चार वैज्ञानिक एक साथ वहां की दो साइटों पर कैंप कर पत्थरों की ब्लास्टिंग करवा रहे हैं. गत कुछ वर्षों से यह काम लगभग लगातार जारी है.

पत्थर के स्लोप को किया जा रहा कम

पत्थरों की ब्लॉस्टिंग टीम के वैज्ञानिकों ने बताया कि वहां बड़े-बड़े पत्थर 80 डिग्री स्लोप के हैं. अब तक एक सौ स्थानों पर ऐसे पत्थरों को ब्लास्ट कर 45 डिग्री तक उनका स्लोप बनाया गया. इस दौरान ट्रैक पर आधा से एक घंटे तक का ब्लॉकेज लिया जाता है. ट्रैक को ब्लॉस्टिंग से सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. छोटे-छोटे कण ही गिरते हैं और इन्हें कुछ मिनटों में साफ कर दिया जाता है. अब तक लगभग 12 किलोमीटर ट्रैक पर यह काम हो चुका है. अभी यह काम जारी रहेगा.

डायरेक्शनल कंट्रोल ब्लास्ट के जरिये पत्थरों के अवरोध को किया जा रहा दूर : निदेशक, सिंफर

सिंफर, धनबाद के निदेशक डॉ पीके सिंह ने कहा कि कोंकण रेलवे में काम करना चुनौतीपूर्ण है. यहां के वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मी डायरेक्शनल कंट्रोल ब्लास्ट के जरिये पत्थरों का अवरोध दूर कर रहे हैं. कोरोना काल में भी वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मी यहां लगातार कैंप कर काम कर रहे हैं. खुद की परेशानी को परे टीम इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने में लगी है.

Posted By : Samir Ranjan.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें