Dhanbad News:
वरीय संवाददाता, धनबाद.
आइआइटी आइएसएम के वैज्ञानिकों ने कैमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विभाग के प्रोफेसर प्रो सौमित्र मैती और उनके शोधार्थी अपूर्ब सामंता के शोध को दिसंबर 2025 में भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है. यह पेटेंट एक नवीन द्वि-कार्यात्मक फॉस्फोअमिनेटिंग एजेंट और उससे जुड़ी संश्लेषण प्रक्रिया के लिए मिला है.2024 में दिया गया था पेटेंट आवेदन :
इस पेटेंट के लिए आवेदन अक्तूबर 2024 में दायर किया गया था. शोध में ऐसे नये रासायनिक एजेंट का विकास किया गया है, जिसका उपयोग अमीनोफॉस्फोनेट्स और अमीनोफॉस्फोनिक अम्ल के कुशल संश्लेषण में किया जा सकता है. ये यौगिक अमीनो अम्लों के संरचनात्मक समरूप माने जाते हैं और औषधि, कृषि रसायन तथा जैव-रासायनिक अनुसंधान में व्यापक रूप से उपयोग किये जाते हैं.हरित रसायन विज्ञान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम :
शोध दल के अनुसार, इस आविष्कार की विशेषता यह है कि यह फॉस्फोरस और अमीन कार्यात्मक समूहों को अधिक सरल, कम चरणों और कम अपशिष्ट के साथ जोड़ने में सक्षम है. पारंपरिक विधियों की तुलना में यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी, चयनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल है, जो हरित रसायन विज्ञान के सिद्धांतों के अनुरूप है.औद्योगिक उपयोग की व्यापक संभावनाएं :
अमीनोफॉस्फोनेट्स और अमीनोफॉस्फोनिक अम्ल का उपयोग एंजाइम अवरोधक, रोगाणुरोधी व एंटीवायरल दवाओं तथा खरपतवार नाशक तैयार करने में सहायक है. ऐसे में यह पेटेंट तकनीक औषधि और कृषि उद्योग में व्यावसायिक उपयोग की प्रबल संभावनाएं रखती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
