Dhanbad News : आइआइटी आइएसएम-1964 के ग्रेट अलास्का अर्थक्वेक के प्रभाव पर डाला प्रकाश

एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग में सेंचुरी लेक्चर का आयोजन

आइआइटी (आइएसएम) के एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग में गुरुवार को सेंचुरी लेक्चर का आयोजन हुआ. यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का एंकोरेज सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो उत्पल दत्ता ने “सीस्मिक माइक्रोजोनेशन ऑफ एंकोरेज, अलास्का एंड 2018 एम 7.2 एंकोरेज अर्थक्वेक” विषय पर व्याख्यान दिया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रो मोहित अग्रवाल ने स्वागत भाषण और अतिथि वक्ता का परिचय देकर की. आइआइटी (आइएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र रहे प्रो उत्पल दत्ता ने अपने लेक्चर की शुरुआत सीस्मिक माइक्रोजोनेशन से की और एंकोरेज के चार मुख्य भूगर्भीय यूनिट्स मेटामॉर्फिक टेरेन, ग्लेशियल टिल, ग्लेशियो-फ्लूवियल डिपॉजिट्स और बूटलेगर कोव फॉर्मेशन के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने एंकोरेज बाउल के 36 साइट्स पर किये गये वाइब्रोसिस सर्वे की जानकारी भी साझा की.

भूकंप में भूगर्भीय स्थितियों को बताया :

इसके बाद उन्होंने अलास्का में भूकंपीय गतिविधि के कारणों पर चर्चा की और अलास्का के 10 बड़े भूकंपों का ब्यौरा दिया. उन्होंने खासतौर पर 1964 के ग्रेट अलास्का अर्थक्वेक के प्रभाव और उससे मिली सीख पर विस्तार से बताया. साथ ही 2018 के 7.2 मैग्नीट्यूड एंकोरेज भूकंप में भूगर्भीय स्थितियों के कारण हुए नुकसान के पैटर्न को भी समझाया. प्रो दत्ता इन दिनों पांच से 17 अगस्त तक चल रहे जीआईएएन कोर्स “इंजीनियरिंग सिस्मोलॉजी” में फॉरेन फैकल्टी के रूप में भी जुड़े हुए हैं. इसमें प्रो मोहित अग्रवाल नेशनल फैकल्टी हैं. एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग की हेड प्रो सौमेन मैती ने लेक्चर के अंत में मुख्य अतिथि का सम्मान किया. इस अवसर पर प्रो प्रसंता कुमार खान, प्रो संजीत कुमार पाल और प्रो निप्तिका जना भी मौजूद रहे.

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Published by: Narendra kumar singh

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