निरसा थाना क्षेत्र के लखीमाता कोलियरी कॉलोनी में सूदखोरी के आरोप को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है. कॉलोनी निवासी विकास पासवान और उनकी पत्नी संगीता पासवान ने अरविंद पासवान और उनके रिश्तेदारों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. वहीं अरविंद पासवान ने भी विकास पासवान समेत अन्य लोगों पर मारपीट करने की शिकायत थाने में की है. दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है. समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है.
पंचायती के दौरान भी हुई मारपीट
बताया गया कि मामले को लेकर पंचायत समिति सदस्य के नेतृत्व में कॉलोनी में पंचायती रखी गयी थी. आरोप है कि पंचायती के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गयी. इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे गोपाल पाल और विशाल तुरी के साथ भी मारपीट की गयी. दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की बात सामने आयी है.
संगीता ने लगाया कई गंभीर आरोप
संगीता पासवान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह अरविंद पासवान कुछ लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की. उन्होंने सोने की चेन छीनने और गलत नीयत से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है. संगीता के अनुसार, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की. इसके बाद घर लौटने पर अरविंद पासवान और उनके रिश्तेदारों ने उनके तथा उनके पति के साथ दोबारा मारपीट की.
संगीता का आरोप है कि वर्ष 2015 में उनके पति ने अरविंद पासवान के पिता स्वर्गीय बलराम पासवान से 30 हजार रुपये कर्ज लिया था. उनका दावा है कि उसी वर्ष कर्ज की पूरी राशि चुका दी गयी, लेकिन बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और चेकबुक वापस नहीं किये गये.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर से को-ऑपरेटिव सोसाइटी से उनके पति के नाम पर लोन लिया गया और उनके वेतन की राशि बैंक खाते से निकाल ली जाती है. संगीता ने पुलिस से दस्तावेज वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग की है.
दो अन्य कर्मियों ने भी लगाया दस्तावेज रखने का आरोप
लखीमाता कोलियरी में कार्यरत अर्जुन महतो और कुर्बान मियां ने भी अरविंद पासवान के खिलाफ शिकायत की है. अर्जुन महतो का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले उन्होंने 50 हजार रुपये कर्ज लिया था और इसके एवज में तीन लाख रुपये का भुगतान कर चुके हैं. इसके बावजूद बैंक खाता, हस्ताक्षर की हुई चेकबुक, पहचान पत्र और पैन कार्ड वापस नहीं किये गये.
कुर्बान मियां ने आरोप लगाया कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने बलराम पासवान से साढ़े तीन लाख रुपये कर्ज लिया था. उनका दावा है कि को-ऑपरेटिव सोसाइटी से पांच लाख रुपये का लोन लेकर राशि चुका दी गयी, लेकिन बैंक खाता और चेकबुक अब तक वापस नहीं किये गये.
अरविंद ने आरोपों को बताया गलत
इधर, अरविंद पासवान ने भी थाने में शिकायत देकर विकास पासवान समेत अन्य लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि विकास पासवान ने उनके पिता से कर्ज लिया था. कर्ज की राशि मांगने पर विकास पासवान, फूचू तुरी, विशाल तुरी, सुरेंद्र तुरी, गोपाल पाल और रवि पाल समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की. बीच-बचाव करने पहुंचे उनके रिश्तेदार सुमित पासवान, अधिक पासवान और सबल पासवान के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है. फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
