तेज बारिश में बहा झिलिया नदी पुल का डायवर्सन, धनबाद में मैथन मार्ग पर आवाजाही ठप

धनबाद के मैथन मोड़ पर झिलिया नदी पर बन रहे पुल के बगल का डायवर्सन तेज बारिश में बह गया है. इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं.


धनबाद से प्रवीण चौधरी की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद के मैथन मोड़-संजय चौक-मैथन मुख्य सड़क पर झिलिया नदी पर बन रहे पुल के बगल में बनाया गया डायवर्सन मंगलवार की तेज बारिश में पूरी तरह बह गया. डायवर्सन ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग पर बाइक, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है. इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक, स्कूली बच्चे, कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.

मैथन जाने के लिए करना पड़ रहा लंबा चक्कर

डायवर्सन बह जाने के कारण मैथन और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए लोगों को अब वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. इससे समय के साथ-साथ यात्रा खर्च भी बढ़ गया है. सुबह और शाम के समय काम पर जाने वाले श्रमिकों तथा विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है.

पहले भी बह चुका था डायवर्सन

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब डायवर्सन बारिश में बहा है. कुछ दिन पहले भी तेज बारिश के दौरान यह रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था. उस समय मरम्मत कर इसे दोबारा चालू कर दिया गया था. हालांकि इस बार स्थिति कहीं अधिक गंभीर है, क्योंकि पूरा का पूरा डायवर्सन ही तेज बहाव में बह गया है. इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण की शुरुआत से ही डायवर्सन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले पुल निर्माण कार्य पूरा करने या कम से कम मजबूत वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की मांग कई बार विभाग और निर्माण एजेंसी से की गई थी, लेकिन इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य और डायवर्सन तय मानकों के अनुरूप बनाए गए होते, तो बारिश में इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती.

जनप्रतिनिधियों ने जताया आक्रोश

जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, शिवलीबाड़ी पूरब पंचायत के मुखिया तनवीर आलम और भाकपा (माले) नेता नागेंद्र कुमार ने घटना पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि डायवर्सन निर्माण में बरती गई लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है. उन्होंने पथ निर्माण विभाग से अविलंब मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था करने और निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है. उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते, तो लोगों को इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.

आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द डायवर्सन को फिर से चालू नहीं कराया गया और आवाजाही बहाल नहीं हुई, तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. उनका कहना है कि लगातार हो रही परेशानी के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियां स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास करती नजर नहीं आ रही हैं.

विराज इंजीकोम कर रही है पुल का निर्माण

झिलिया नदी पर पुल का निर्माण विराज इंजीकोम, देवघर द्वारा कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी को बारिश के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए थी, ताकि वैकल्पिक मार्ग सुरक्षित बना रहता और लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होती.

इसे भी पढ़ें: Dhanbad SIR: धनबाद में मतदाताओं की प्रारूप सूची जारी, शाम चार बजे तक बूथों पर देख सकेंगे अपना नाम

पानी कम होते ही बनेगा नया डायवर्सन : जेई

पथ निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) मनीष कुमार ने बताया कि लगातार हुई तेज बारिश और नदी में बढ़े जलस्तर के कारण डायवर्सन रोड बह गया है. उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी का बहाव कम होगा, तत्काल नया डायवर्सन बनाकर आवागमन बहाल किया जाएगा. इसके साथ ही निर्माणाधीन पुल के कार्य में भी तेजी लाई जाएगी, ताकि लोगों को जल्द स्थायी राहत मिल सके. फिलहाल विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द यातायात सामान्य करने की तैयारी में जुटा है.

इसे भी पढ़ें: आंदोलनकारी छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >