धनबाद में सब्जियों के दाम ने बिगाड़ा रसोई का बजट, प्याज 60 और पालक-बीन 200 रुपये किलो

धनबाद में हरी सब्जियों के बाद प्याज के दाम भी बढ़ गए हैं. खुदरा बाजार में प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है, वहीं पालक और बीन्स 200 रुपये किलो बिक रहे हैं. लगातार बारिश और आवक में कमी से सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

धनबाद. महंगाई की मार झेल रहे लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ गया है. हरी सब्जियों के बाद अब प्याज के भाव में भी तेजी आ गयी है. धनबाद के खुदरा बाजार में प्याज की कीमत करीब 60 रुपये किलो पहुंच गयी है. वहीं पालक और बीन 200 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.

बीन्स (Canva Image)

कुछ दिन पहले तक अपेक्षाकृत कम कीमत में मिलने वाली प्याज अब घरेलू बजट पर भारी पड़ने लगी है. बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि दाल, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमत पहले से ही जेब पर असर डाल रही है. ऐसे में सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है. कई परिवारों ने महंगी सब्जियों की खरीद कम कर दी है.

नासिक और इंदौर से महंगी आ रही प्याज

थोक कारोबारियों के अनुसार, धनबाद में प्याज के भाव बढ़ने का प्रमुख कारण बाहर की मंडियों में कीमतों में तेजी और आवक में कमी है. फिलहाल नासिक और इंदौर की मंडियों में प्याज के भाव ऊंचे चल रहे हैं. इन मंडियों से आने वाली खेप महंगी पड़ने का असर धनबाद के थोक और खुदरा बाजार पर दिखाई दे रहा है.

सोमवार को होलसेल बाजार में प्याज करीब 50 रुपये किलो, जबकि खुदरा बाजार में 60 रुपये किलो बिका. कारोबारियों का कहना है कि बाहर की मंडियों से नयी खेप की आवक सामान्य होने पर कीमतों में राहत मिल सकती है. फिलहाल बाजार में तेजी बनी हुई है.

बारिश से खराब हुई सब्जियों की फसल

हरी सब्जियों की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह लगातार हो रही बारिश को बताया जा रहा है. बारिश के कारण कई जगह खेतों में सब्जियां खराब हुई हैं. इससे स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

धनबाद का सब्जी बाजार बड़ी मात्रा में पश्चिम बंगाल से आने वाली सब्जियों पर निर्भर है. बंगाल के विभिन्न इलाकों में बारिश का असर सब्जियों की पैदावार पर पड़ा है. आवक कम होने से बाजार में मांग के मुकाबले सब्जियों की उपलब्धता घट गयी है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है.

पालक-बीन 200 रुपये किलो, दूसरी सब्जियां भी महंगी

प्याज के साथ हरी सब्जियों के भाव भी लोगों को परेशान कर रहे हैं. पालक और बीन 200 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. अन्य हरी सब्जियों की कीमतें भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हैं.

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सब्जी विक्रेताओं के अनुसार, मंडी में जिस कीमत पर माल पहुंच रहा है, उसमें परिवहन और अन्य खर्च जुड़ने के बाद खुदरा कीमत बढ़ जाती है. बारिश के कारण सब्जियों के जल्दी खराब होने का खतरा भी रहता है. इससे कारोबारियों को नुकसान की आशंका रहती है और उसका असर भी बाजार भाव पर पड़ता है.

महंगाई बढ़ी तो खरीदारी की मात्रा हुई कम

महंगी सब्जियों ने लोगों की खरीदारी का तरीका भी बदल दिया है. पहले जहां परिवार किलो-दो किलो सब्जियां खरीदते थे, अब जरूरत के अनुसार कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं.

गृहणियों का कहना है कि प्याज, हरी सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की कीमत एक साथ बढ़ने से महीने का बजट प्रभावित हो रहा है. प्याज रोजमर्रा के भोजन का जरूरी हिस्सा है. दाल, सब्जी, चटनी और सलाद में इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में 60 रुपये किलो की कीमत आम परिवारों के लिए परेशानी बढ़ाने वाली है.

आवक बढ़ने पर राहत की उम्मीद

थोक कारोबारियों को उम्मीद है कि बाहर की मंडियों से प्याज और पश्चिम बंगाल से हरी सब्जियों की आवक बढ़ने पर कीमतों में कमी आ सकती है. फिलहाल बारिश और सीमित आपूर्ति के कारण बाजार में महंगाई का दबाव बना हुआ है.

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कारोबारियों का कहना है कि बारिश का असर कम होने और मंडियों से नियमित आपूर्ति शुरू होने पर आने वाले दिनों में सब्जियों के भाव में राहत मिलने की संभावना है.

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By Sudhir Sinha

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