रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट
Dhanbad love marriage, धनबाद : धनबाद के निरसा क्षेत्र अंतर्गत आंखद्वारा में इन दिनों एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां के स्थानीय निवासी विपुल मंडल ने बिहार के नवादा जिले की रहने वाली राहत प्रवीण के साथ धर्म और जाति की दीवारों को तोड़कर हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचा लिया है. दोनों का कहना है कि उन्होंने यह ऐतिहासिक फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी और आपसी सहमति से लिया है.
सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी लव स्टोरी
जानकारी के अनुसार, विपुल मंडल और राहत प्रवीण की कहानी वर्ष 2023 में शुरू हुई थी. इंटरनेट के माध्यम से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए. धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर शुरू हुआ बातचीत का यह सिलसिला गहरी दोस्ती में बदल गया और फिर दोनों एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठे. धर्म, जाति और सामाजिक बंधनों से ऊपर उठकर दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामने और जीवनभर साथ निभाने का अटूट फैसला कर लिया.
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वैदिक मंत्रोच्चार और सिंदूरदान के साथ संपन्न हुआ विवाह
निरसा के आंखद्वारा में आयोजित यह अनोखा विवाह समारोह पूरी तरह से सनातन परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ. विवाह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई. इसके बाद सिंदूरदान और सात फेरों की रस्म भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई गई. इस अनूठे विवाह के साक्षी बने स्थानीय लोगों ने नवदंपति पर फूलों की बारिश की और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की.
स्थानीय बुद्धिजीवियों ने बताया मिसाल
शादी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राहत प्रवीण और विपुल मंडल ने स्पष्ट किया कि यह विवाह किसी भी प्रकार के सामाजिक या पारिवारिक दबाव का परिणाम नहीं है. राहत प्रवीण ने बेहद मजबूती से कहा कि वे विपुल से प्रेम करती हैं और उन्होंने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म की परंपराओं को अपनाकर यह विवाह किया है. नवदंपति ने बताया कि वे अपने आगे का जीवन आपसी सम्मान, प्रेम और अटूट विश्वास के साथ बिताना चाहते हैं. स्थानीय बुद्धिजीवियों ने इस विवाह को सामाजिक सौहार्द और आपसी समरसता की एक खूबसूरत मिसाल बताया है.
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