धनबाद रेल मंडल के 17 स्टेशनों पर चल रहे काम की GM डिंपी गर्ग ने की समीक्षा, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत धनबाद रेल मंडल के 17 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने कार्यों की समीक्षा करते हुए जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. पुनर्विकसित स्टेशनों पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति की झलक भी मिलेगी.

धनबाद. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत धनबाद रेल मंडल के 17 स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की पूर्व मध्य रेलवे (इसीआर) की महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने समीक्षा की. सोमवार को हाजीपुर स्थित मुख्यालय में महाप्रबंधक ने विभागाध्यक्षों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली.

बैठक के दौरान धनबाद मंडल समेत इसीआर के विभिन्न मंडलों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गयी. अधिकारियों ने स्टेशनों पर अलग-अलग चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों और उनकी प्रगति से महाप्रबंधक को अवगत कराया.

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समय-सीमा में पूरा हों निर्माण कार्य

महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने अधिकारियों को स्टेशन पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किये जायें और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं हो.

उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्माण की गति बढ़ाने को कहा. साथ ही निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया.

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित स्टेशनों का पुनर्विकास यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इसके तहत मौजूदा यात्री सुविधाओं का उन्नयन और विस्तार, स्टेशन तक सुगम पहुंच, बेहतर यात्री आवागमन तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.

पुनर्विकास के बाद स्टेशनों पर यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है.

स्थानीय संस्कृति की दिखेगी झलक

स्टेशन परिसरों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने के साथ स्थानीय क्षेत्र की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को भी ध्यान में रखा जा रहा है. स्टेशन की वास्तुकला और सज्जा में संबंधित क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति और परंपरा की झलक देने का प्रयास किया जा रहा है.

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इससे पुनर्विकसित स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि अपने क्षेत्र की पहचान और विरासत को भी प्रदर्शित करेंगे.

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By Manoj rawani

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