बरोरा से प्रहलाद बरनवाल की रिपोर्ट
Dhanbad Crime News, धनबाद: धनबाद के बरोरा थाना क्षेत्र स्थित एएमपी कोलियरी के कोलकर्मी तुलेश्वर नोनिया हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है. इस वारदात की जो हकीकत सामने आई है, उसने मानवीय रिश्तों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. मृतक तुलेश्वर नोनिया का मंझला बेटा विजय चौहान ही इस पूरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड निकला. ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकुब ने धनबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का आधिकारिक खुलासा किया. पुलिस ने बेटे समेत हत्या में शामिल उसके सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए रची साजिश
ग्रामीण एसपी ने बताया कि मृतक तुलेश्वर नोनिया की बीसीसीएल (BCCL) में नौकरी के केवल 2 साल ही बचे थे. पिता की मौत के बाद अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर कोलियरी में पक्की नौकरी हासिल करने के लालच में विजय चौहान अंधा हो गया. उसने बुदौरा कॉलोनी निवासी अपने दो आपराधिक छवि के दोस्तों- अखिलेश मल्लाह और अमित सिंह के साथ मिलकर पिता को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. विजय ने अपने ही पिता की हत्या के लिए अपने दोस्तों को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी, हालांकि हत्या से पहले आरोपियों को कोई एडवांस रकम नहीं दी गई थी.
खुद गया औरंगाबाद शादी में
जांच में सामने आया कि खुद पर शक न हो, इसके लिए विजय ने एक बेहद शातिर ‘एलिबाई’ (Alibi) तैयार की थी. विजय ने अपने पिता को बताया कि वह औरंगाबाद में एक रिश्तेदार की शादी में जा रहा है और शुक्रवार की सुबह वह घर से निकल गया. दूसरी तरफ योजना के मुताबिक, शुक्रवार की रात ड्यूटी खत्म होने के बाद तुलेश्वर नोनिया को अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह ने अपनी बाइक पर बीच में बैठाया और सुनसान जगह पर ले गए. वहां आरोपियों ने तुलेश्वर नोनिया की बेरहमी से हत्या कर दी. साक्ष्य (Substance) छिपाने और पहचान मिटाने की नीयत से पत्थर से उनका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया. इसके बाद मामले को सड़क दुर्घटना (Road Accident) का रूप देने के लिए शव को घसीटकर मुख्य सड़क पर फेंक दिया.
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CCTV फुटेज और शराब दुकान से खुला राज
पुलिस की तफ्तीश में एएमपी कोलियरी में लगे बीसीसीएल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सबसे बड़े मददगार साबित हुए. फुटेज में मृतक तुलेश्वर नोनिया को अमित और अखिलेश के साथ एक ही बाइक पर जाते हुए साफ देखा गया. इसी सुराग के दम पर पुलिस ने जब दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो परत-दर-परत पूरा सच सामने आ गया. जांच में यह भी पता चला कि वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आरोपियों ने खोदोबेली और डुमरा स्थित एक होटल में बैठकर जमकर शराब पी थी. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य शूटर अखिलेश मल्लाह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, वह पहले भी कोयला और डीजल चोरी के मामले में मधुबन थाने से जेल जा चुका है.
रोते हुए भी सच मानने को तैयार नहीं मां-बेटी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएसपी अजीत विमल, इंस्पेक्टर रुस्तम अंसारी और बरोरा थानेदार साधन कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में केवल इसी घटना की चर्चा है. हालांकि, इस कहानी का एक भावुक पहलू यह भी है कि पुलिस के पुख्ता दावों और खुलासे के बावजूद मृतक की पत्नी और बेटी यह मानने को कतई तैयार नहीं हैं कि उनके घर का बेटा विजय ही उनके पति और पिता का कातिल हो सकता है.
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