दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ने से कोयलांचल में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गयी है. इंटेक वेल में कचरा फंसने के कारण जलगृह भंडारण तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इसके चलते जमाडा जल संयंत्र केंद्र से झरिया और पुटकी के आसपास के क्षेत्रों में आंशिक जलापूर्ति की जा रही है. लोगों को पानी की समस्या से परेशानी हो रही है.
नदी का जलस्तर 460 आरएल तक पहुंचा
कर्मियों के अनुसार, तेनुघाट डैम से पानी छोड़े जाने के कारण दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ा है. नदी का जलस्तर 460 आरएल तक पहुंच गया है. तेज बहाव के कारण इंटेक वेल के फुटबॉल की सफाई के लिए कर्मी नदी में उतरने से बच रहे हैं. इससे कचरा नहीं निकाला जा पा रहा है और जल भंडारण प्रभावित हो रहा है.
तेज बहाव बना सफाई में बाधा
कर्मियों ने बताया कि नदी का बहाव काफी तेज है. ऐसे में नदी में उतरकर फुटबॉल की सफाई करना जोखिम भरा है. पानी का बहाव कम होने के बाद ही सफाई का काम शुरू किया जाएगा. सफाई नहीं होने के कारण संयंत्र में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पा रहा है.
सिर्फ एक घंटा ही होती है जलापूर्ति
वर्तमान में झरिया-पुटकी क्षेत्र में महज एक घंटा 45 मिनट तक ही जलापूर्ति हो पा रही है. इससे बड़ी आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है. जलस्तर बढ़ने से मोहलबनी घाट और काली मेला स्थित छठ घाट भी पूरी तरह डूब गये हैं.
जल्द सामान्य होगी जलापूर्ति
जामाडा के एसडीओ कृपा शंकर ने बताया कि इंटेक वेल में कचरा फंसने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई है. नदी का जलस्तर कम होने के बाद फुटबॉल की सफाई करायी जायेगी. फिलहाल तेज बहाव के कारण मजदूर नदी में नहीं उतर रहे हैं.
जलस्तर सामान्य होते ही सफाई का काम कराया जाएगा और जल्द ही जलापूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है. जलस्तर में बढ़ोतरी और सफाई कार्य में आ रही बाधा के कारण फिलहाल झरिया और पुटकी क्षेत्र के लोगों को सीमित जलापूर्ति पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
