बीसीसीएल, सीसीएल इसीएल समेत कोल इंडिया और उसकी अन्य अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत कोयला अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है. मध्यप्रदेश हाइकोर्ट की जबलपुर पीठ ने कोल इंडिया और अन्य से जुड़े मामले में बकाया राशि के भुगतान की समय-सीमा तय कर दी है. न्यायालय में 18 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल की ओर से बताया गया कि लंबी चर्चा के बाद बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान अक्तूबर 2026 तक, अगले 40 प्रतिशत का भुगतान दिसंबर 2026 तक और शेष 20 प्रतिशत राशि मार्च 2027 तक कर दी जायेगी.
कोल इंडिया एवं अन्य बनाम कुंदन सहगल एवं अन्य मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की पीठ ने की. सुनवाई के दौरान कोल इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी उपस्थित रहे.
तीन चरणों में होगा भुगतान
अदालत के समक्ष अटॉर्नी जनरल ने भुगतान की प्रस्तावित समय-सारिणी रखी. इसके अनुसार बकाया राशि का पहला 40 प्रतिशत अक्टूबर 2026 में, दूसरा 40 प्रतिशत दिसंबर 2026 में और शेष 20 प्रतिशत मार्च 2027 तक भुगतान किया जाना है.
मामले में प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जतायी. पीठ ने संबंधित पक्षों की ओर से दिये गये आश्वासन और प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है. न्यायालय ने उम्मीद जतायी कि सभी पक्ष तय समय-सीमा का पालन करेंगे.
17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भुगतान के लिए तय समय-सारिणी का पालन किया जाना अपेक्षित है. ऐसे में अक्तूबर 2026 से बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. अगली सुनवाई में भुगतान की प्रगति पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है.
बता दें कि जबलपुर हाइकोर्ट में कोल इंडिया अधिकारियों के वेतन विसंगति, पे-अपग्रेडेशन (वेतनमान सुधार) और बकाया एरियर भुगतान का मामला चल रहा है. अदालत ने अधिकारियों के वेतन संशोधन और एरियर का भुगतान तीन किश्तों में करने का निर्देश दिया है.
