सीआइएसएफ ने सोमवार को दो श्रमिक संगठनों को बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया. सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ और झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नेता यहां प्रदर्शन करने पहुंचे थे. सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने प्रदर्शन के लिए पंडाल बनाया था. सीआइएसएफ ने बिजली काटकर पंडाल को हटा दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है. धरना-प्रदर्शन में संघ के जोनल अध्यक्ष रमाशंकर तिवारी, उपाध्यक्ष अमरेंद्र चौधरी, उमेश चंद्र मिश्रा, महामंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद, संगठन मंत्री अच्छवर प्रसाद सहित कई सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल थे. वहीं, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने 14 सूत्री मांगों और श्रम विवाद को लेकर बीसीसीएल मुख्यालय के समक्ष विरोध जताया गया. यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन उनके कार्यालय को खाली कराने के लिए दबाव बना रहा है. जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में प्रतीकात्मक प्रतिमा दहन करने वाले थे, तभी सीआइएसएफ ने हस्तक्षेप कर इसे रोक दिया. यूनियन के रीजनल सचिव महेश कुमार के नेतृत्व में लोग यहां पहुंचे थे. जब यूनियन के लोग पुतला लेकर पहुंचे, तो सीआइएसएफ जवानों ने उनसे जबरन पुतला छीन लिया और कोयला भवन चले गये.
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