सीआइएमएफआर परिसर से सीएसआइआर के विज्ञान रथ को सोमवार को रवाना किया गया. यह रथ रविवार को धनबाद पहुंचा था. विज्ञान रथ धनबाद के कई शिक्षण संस्थानों का भ्रमण करेगा. रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए सीआइएमएफआर के निदेशक प्रो अरविंद मिश्रा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ की दृष्टि के अनुरूप विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देना है. विज्ञान रथ ने सबसे पहले एसएसएसएलएनटी महिला कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय-2 और धनबाद पॉलिटेक्निक का दौरा किया. इस दौरान सीएसआइआर, सीआइएमएफआर धनबाद और आइएमएमटी भुवनेश्वर की उपलब्धियों को वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया.
वैज्ञानिकों ने 38 प्रयोगशालाओं को दी जानकारी :
वैज्ञानिकों ने सीएसआइआर की 38 प्रयोगशालाओं और उनके अनुसंधानों के बारे में जानकारी दी. उल्लेखनीय उत्पादों जैसे अमिट स्याही, अमूल पाउडर दूध, को-वैक्सीन आदि की जानकारी दी गयी. मौके पर डॉ रामानुज नारायण, दिलीप कुंभकार, डॉ मनोज कुमार, बिभुदत्त प्रधान, डॉ जेके सिंह और जी सुरेश सहित कई वैज्ञानिक उपस्थित थे. अंत में प्रश्नकाल सत्र हुआ, जिसमें सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया. एसएसएलएनटी महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ शर्मिला रानी ने छात्रों को विज्ञान अनुसंधान में भाग लेने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में प्रो विमल मिंज, डॉ सुमिता तिवारी, शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
