सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी

छाताबाद में भू-धंसाव की घटना के तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अब तक शुरू नहीं हो सका है. भय और अनिश्चितता के माहौल में लोग अपने घरों का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. वहीं, राहत और बचाव कार्यों में हो रही देरी से प्रभावित परिवारों में नाराजगी गहराती जा रही है.

छाताबाद में हुए भू-धंसान की घटना के तीसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका है. घटना के बाद से प्रभावित इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. जमीन के लगातार असुरक्षित बने रहने के कारण लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. वहीं, राहत और बचाव कार्य में हो रही देरी को लेकर प्रभावित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे लोग

रविवार सुबह से ही प्रभावित परिवार अपने घरों का सामान निकालने में जुटे रहे. लोग टोटो और टेंपो के माध्यम से घरेलू सामान, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी वस्तुएं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते नजर आए. कई परिवारों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में इलाके में रहना जोखिम भरा है, इसलिए वे अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.

रेस्क्यू में देरी से बढ़ा जनाक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि भू-धंसान की घटना के तीन दिन बाद भी न तो क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है और न ही प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ है. लोगों का कहना है कि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन को तत्काल प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कर सुरक्षा उपायों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करना चाहिए.

बेमियादी धरना दूसरे दिन भी जारी

आशियाना बचाने और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों का बेमियादी धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. धरने के कारण न्यू आकाशकिनारी कोलियरी का आउटसोर्सिंग कार्य ठप पड़ा है, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है. धरना स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने प्रभावित परिवारों का समर्थन करते हुए घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया.

पुनर्वास और मुआवजे की मांग

धरनारत लोगों ने प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास, क्षतिग्रस्त मकानों का उचित आकलन और मुआवजा देने की मांग की. पार्षद डॉ. मधुमाला, मो. शहाबुद्दीन, राममूर्ति सिंह, निरुपमा देवी और रामेश्वर तुरी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kamdeo singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >