बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगायी है. गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान सीएमडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बीसीसीएल में कोयला चोरी पर रोक लगाने के बाद कथित रूप से कोयला माफिया उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं.
टेंपो में बातचीत सुनने वाले सीआइएसएफ जवान का दिया गया हवाला
सुनवाई के दौरान बताया गया कि सीआइएसएफ के एक जवान ने कहीं जाते समय टेंपो में सवार दो लोगों को आपस में बातचीत करते सुना था. कथित तौर पर बातचीत में सीएमडी को नुकसान पहुंचाने और उनकी हत्या की साजिश से जुड़ी बातें सामने आयी थीं. इसी सूचना के आधार पर सीएमडी की सुरक्षा का मामला हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया.
कोर्ट ने पूछा- पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी?
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सवाल किया कि जब सीएमडी को इस तरह की साजिश की जानकारी मिली थी, तो इसकी सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन अथवा बीसीसीएल की सुरक्षा में तैनात सीआइएसएफ को क्यों नहीं दी गयी. इस पर कोर्ट को बताया गया कि मामले की सूचना पुलिस या सीआइएसएफ को नहीं दी गयी थी.
आदेश के बाद सुरक्षा बढ़ायी गयी
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद धनबाद पुलिस ने बीसीसीएल सीएमडी के आवास और कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी है. जानकारी के अनुसार, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने सरायढेला थाना पुलिस को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. पुलिस कथित धमकी से जुड़ी सूचना की विश्वसनीयता और सीआइएसएफ जवान द्वारा सुनी गयी बातचीत के आधार की जांच कर रही है.
थाना प्रभारी ने सीएमडी आवास का लिया जायजा
सरायढेला थाना प्रभारी मंजीत कुमार देर रात बीसीसीएल सीएमडी आवास पहुंचे और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इसके बाद आवास के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गयी. पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है.
