धनबाद. देश में थर्मल पावर प्लांटों के लिए बढ़ती कोयला मांग के बीच बीसीसीएल ने उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने पर जोर दिया है. इसी क्रम में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने ब्लॉक टू क्षेत्र की केकेसी मेन साइडिंग तथा बरोरा क्षेत्र की लिंक साइडिंग का निरीक्षण कर कोयला खनन, उत्पादन और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन कोयला डिस्पैच और रेक लोडिंग बढ़ाने के निर्देश दिये.
केकेसी मेन साइडिंग विस्तार कार्य का लिया जायजा
सीएमडी ने सबसे पहले ब्लॉक टू क्षेत्र की केकेसी मेन साइडिंग पहुंचकर वहां चल रहे विस्तार कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने विभागीय एवं आउटसोर्सिंग एजेंसियों के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली. साथ ही उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की.
बढ़ती मांग को पूरा करने पर जोर
मीडिया से बातचीत में सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि देश में थर्मल पावर प्लांटों के लिए कोयले की मांग लगातार बढ़ रही है. इस मांग को पूरा करने के लिए बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी निरंतर कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में कोयला लोडिंग की प्रक्रिया को अधिक तेज और सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
लोडिंग समय घटाने और ट्रिप बढ़ाने का निर्देश
सीएमडी ने कहा कि ब्लॉक टू, कतरास समेत बीसीसीएल के सभी क्षेत्रों में लोडिंग समय कम करने और ट्रिप की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है. इसका उद्देश्य कोयला परिवहन की दक्षता बढ़ाना और बिजली उत्पादन इकाइयों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ उत्पादन बढ़ाने की रणनीति
उन्होंने बताया कि बीसीसीएल ने प्रतिदिन कम से कम 25 रेक पावर कोयला डिस्पैच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. साथ ही सुरक्षा मानकों और कोयले की गुणवत्ता से समझौता किये बिना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. सीएमडी ने कहा कि बीसीसीएल देश की लगभग 264 से 265 गीगावाट बिजली आवश्यकता की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है और आगे भी अपनी भूमिका मजबूती से निभाता रहेगा.
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक टू क्षेत्र के महाप्रबंधक कुमार रंजीव, बरोरा क्षेत्र के महाप्रबंधक केके सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
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