धनबाद फल मंडी की 100 फीट दीवार ध्वस्त, करोड़ों के कारोबार पर मंडराया सुरक्षा का बड़ा खतरा

धनबाद फल मंडी के पीछे 100 फीट लंबी बाउंड्री टूट गई है, जिससे करोड़ों के दैनिक कारोबार वाले परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं. पिछले डेढ़ साल से स्थायी सुरक्षा गार्डों की कमी और जाम नाले के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है.

धनबाद. कृषि उत्पादन बाजार समिति की फल मंडी के पीछे करीब 100 फीट लंबी बाउंड्री टूट जाने से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यवसायियों की चिंता बढ़ गयी है. व्यवसायियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के दैनिक कारोबार वाले इस परिसर में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से स्थायी सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में बाउंड्री का बड़ा हिस्सा गिर जाने से सुरक्षा संबंधी जोखिम और बढ़ गया है.

फल मंडी के पीछे स्थित बाउंड्री का हिस्सा हाल में ध्वस्त हो गया है. व्यवसायियों के अनुसार यह तीसरी बार है, जब बाउंड्री का हिस्सा गिरा है. बाउंड्री टूटने से परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही आसान हो गयी है. खासकर रात के समय सुरक्षा को लेकर कारोबारियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है.

डेढ़ वर्ष से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव

व्यवसायियों ने बताया कि बाजार समिति परिसर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फल और अन्य कृषि उत्पादों का कारोबार होता है. इसके बावजूद यहां लंबे समय से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. उनका कहना है कि कुछ स्थानीय स्तर के कर्मी सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इतनी बड़ी मंडी के लिए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा सकती.

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व्यवसायियों के अनुसार, सुरक्षा गार्डों की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से रात के समय निगरानी व्यवस्था प्रभावित रहती है. इससे चोरी अथवा अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

जाम नाला बना बाउंड्री टूटने की वजह

कारोबारियों ने बाउंड्री ध्वस्त होने के पीछे जलनिकासी व्यवस्था को भी जिम्मेदार बताया है. उनके अनुसार फल मंडी के पीछे स्थित नाला वर्षों से जाम है. नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता और परिसर के आसपास जलजमाव की स्थिति बन जाती है.

व्यवसायियों का कहना है कि नाला ओवरफ्लो होने से पानी लगातार बाउंड्री की नींव को प्रभावित करता है. इसी कारण समय-समय पर दीवार का हिस्सा क्षतिग्रस्त होता रहा है. उन्होंने नाला की सफाई और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग की है.

अन्य बाजार समितियों का दिया उदाहरण

व्यवसायियों ने कहा कि देवघर बाजार समिति परिसर धनबाद की तुलना में छोटा है, फिर भी वहां सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था बाजार समिति प्रशासन ने की है. उनका सवाल है कि जब अन्य जिलों में ऐसी व्यवस्था संभव है तो धनबाद में इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है.

कारोबारियों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

मरम्मत कार्य शुरू, मुख्यालय को भेजा गया प्रस्ताव

बाजार समिति के सचिव विपुल कुमार ने बताया कि टूटी हुई बाउंड्री की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्थायी सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है. हालांकि अब तक इस संबंध में अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है.

उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही परिसर की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं.

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By Sudhir Sinha

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