सीएसआइआर के रिटायर्ड डायरेक्टर जेनरल का बयान दर्ज

धनबाद: सीएमआरआइ धनबाद के वैज्ञानिकों द्वारा वैज्ञानिक उपकरण की खरीदारी में किये गये लाखें रुपये के घोटाले मामले की सुनवाई गुरुवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश प्रथम सैयद मतलूब हुसैन की अदालत में हुई. अदालत में आरोपित तेजबहादुर सिंह, डा मोबिन अहमद, डीबी सिंह, आरके तिवारी व आरएन विश्वास हाजिर थे. अदालत में अभियोजन की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 14, 2017 7:25 AM
धनबाद: सीएमआरआइ धनबाद के वैज्ञानिकों द्वारा वैज्ञानिक उपकरण की खरीदारी में किये गये लाखें रुपये के घोटाले मामले की सुनवाई गुरुवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश प्रथम सैयद मतलूब हुसैन की अदालत में हुई. अदालत में आरोपित तेजबहादुर सिंह, डा मोबिन अहमद, डीबी सिंह, आरके तिवारी व आरएन विश्वास हाजिर थे. अदालत में अभियोजन की ओर से साक्षी सीएसआइआर नयी दिल्ली के रिटायर्ड जेनरल आरए मसालकर ने अपनी गवाही दी. उन्होंने अदालत को बताया कि 9 मार्च 06 को मैंने सिंफर के आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी थी. अभियोजन की ओर से सीबीआइ के लोक अभियोजक सरवत जाफरी ने साक्षी का मुख्य परीक्षण कराया.
क्या है मामला : वर्ष 1999 में सीएमआरआइ धनबाद मेे कार्यरत कतिपय वैज्ञानिकों ने षडयंत्र कर वैज्ञानिक उपकरण की खरीदारी में साठ लाख का घोटाला कर सिंफर को नुकसान पहुंचाया था. सीबीआइ की धनबाद टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मामले का पर्दाफाश किया. सीबीआइ ने 28 जनवरी 2003 को सीएमआरआइ के दस वैज्ञानिकों समेत उन्नीस लोगों के खिलाफ आरसी केस नंबर 01/03 (डी) दर्ज किया. ट्रायल फेस कर रहे केस के अन्य आरोपित डीके धर, डा एके सिंह, डा त्रिभुवन नाथ सिंह, किशोर कुमार दोषी, रामवृछ सिंह, दलाल चंद्र समेत बारह अनुपस्थित थे. उनकी ओर से उनके अधिवक्ताओं ने दंप्रसं की धारा 317 का आवेदन दायर किया.
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मामले में निचली अदालत का आदेश निरस्त : प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अंबुजनाथ की अदालत ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक मामले में निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को निरस्त करते हुए फ्रेश आदेश देने का कहा.
क्या है मामला : 19 जनवरी 16 को न्यू टाउन हॉल धनबाद में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि था नरेंद्र मोदी मूंछ का बाल है और राहुल गांधी पूंछ का बाल है. इस बात से कांग्रेस कार्यकर्ता मो कलाम अाजाद काफी आहत हुआ. उसने 21 जनवरी 16 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायतवाद 204/16 दर्ज कराया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रताप चंद्रा की अदालत ने उक्त शिकायतवाद को खारिज कर दिया. वादी मो कलाम अाजाद ने उक्त आदेश को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत में चुनौती दी. ऊपरी अदालत ने रिवीजन पिटीशन को 12 अप्रैल 17 को स्वीकार कर लिया. यह मामला क्रिमिनल रिवीजन 235/16 से संबंधित है. प्रतिवादी मंत्री की ओर से उनके अधिवक्ता अजय कुमार त्रिवेदी ने अपना पक्ष रखा.
प्रमोद सिंह हत्याकांड में सीबीआइ का गवाह होस्टाइल
कोयला व्यवसायी प्रमोद सिंह हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश ग्यारह एके पांडेय की अदालत में हुई. अदालत में सीबीआइ की ओर से साक्षी मो अजाद ने अपनी गवाही दी. उसने सीबीआइ को पूर्व में दिये अपने बयान से मुकर गया. अदालत ने उसे होस्टाइल डिक्लेयर कर दिया. उसने अदालत को यह भी बताया कि पुलिस ने जिस आर्म्स एक्ट में मुझे गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया उसमें मैं बरी हो गया हूं. अदालत में सरायढेला के पूर्व थानेदार एमपी खरवार, हीरा खान, अरशद अयूब हाजिर थे. जबकि रणविजय सिंह व संतोष सिंह गैरहाजिर थे. संतोष की ओर से उनके अधिवक्ता सहदेव महतो ने पैरवी की. ज्ञात हो कि 3 अक्तूबर 03 को अपराधियों ने बीएम अग्रवाल कॉलोनी में घटना को अंजाम दिया था.
फर्जी जमानतदार व पैरवीकार पर एफआइआर
फर्जी ढ़ंग से शपथ पत्र बनाकर अभियुक्त गणेश टुडू को जमानत पर जेल से छुड़वाने के एक मामले में गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी अर्पित श्रीवास्तव की अदालत ने जमानतदार राजेश कुमार सिंह पिता काशीनाथ सिंह, सा. त्रिमूर्ति भवन विशुनपुर थाना धनबाद एवं मुन्ना सिंह पिता विनय सिंह सा. ऊपर बाजार, थाना गोविंदपुर जिला धनबाद, साथ ही पैरवीकार रमनी टुडू पति गणेश टुडू सा. जसपुर, थाना निरसा जिला धनबाद के खिलाफ धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. ज्ञात हो कि व्यवहार न्यायालय धनबाद के निबंधक विनोद कुमार के पत्रांक 1267-जी/2017 दिनांक 12.4.17 के आलोक में यह प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. जीआर केस संख्या 3917/2012, चिरकुंडा (गलफरवारी) थाना कांड संख्या 240/12 के अभियुक्त गणेश टुडू पिता देवी लाल टुडू सा. जसपुर थाना निरसा जिला धनबाद को जमानत पर छोड़ गया है. दस्तावेज शपथ पत्र में क्रमांक संख्या जाली है एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनबाद के कार्यालय के सिरिस्तेदार की नकली हस्तलिपि व नकली हस्ताक्षर का प्रयोग करके तैयार किया गया है.