बेकार हुई डेढ़ करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में शहर

ननि. मेंटेनेंस के नाम पर भी करोड़ों डकारे, संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई तक नहीं... एलइडी लाइट के नाम पर निगम में लूट का खेल हुआ है. वहीं लाइट के मेंटेनेंस के नाम पर भी करोड़ों रुपये डकार लिये गये. इसके बाद भी न तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई हुई और न आला अधिकारी पर. धनबाद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 21, 2017 7:16 AM

ननि. मेंटेनेंस के नाम पर भी करोड़ों डकारे, संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई तक नहीं

एलइडी लाइट के नाम पर निगम में लूट का खेल हुआ है. वहीं लाइट के मेंटेनेंस के नाम पर भी करोड़ों रुपये डकार लिये गये. इसके बाद भी न तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई हुई और न आला अधिकारी पर.
धनबाद : वार्ड नंबर 20 में बेकारबांध से लेकर बिरसा मुंडा पार्क तक डेढ़ करोड़ की लागत से एलइडी लाइट लगायी गयी थी. ये लाइट मुश्किल से तीन माह भी नहीं जली और एक-एक कर सभी लाइटें बूझ गयीं. पार्षद अशोक पाल ने विभाग के आला अधिकारी से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इधर, पार्षद निर्मल मुखर्जी ने मामले में मुख्यमंत्री व नगर विकास विभाग में लिखित शिकायत की है. इसमें मामले में निगरानी जांच कराने की मांग की गयी है.
क्या है मामला : 2015 में छह करोड़ की लागत से 16 जगहों पर 1148 एलइडी लाइट लगायी गयी. कुंदन इंटरप्राइजेज, तिरुपति इंटरप्राइजेज, भगत इंटरप्राइजेज, आशीष इंटरप्राइजेज, रिलायबल इंटरप्राइजेज अादि को एलइडी लाइट लगाने का टेंडर मिला. तीन माह के अंदर ही लाइट खराब हो गयी. लाइट छह माह से बुझी हुई है, पर इसकी चिंता न विभाग को है और न ही निगम के आला अधिकारियों को.
इएसएल को मिला 30 करोड़ का टेंडर : सहायक अभियंता जय प्रकाश ने बताया कि भारत सरकार की कंपनी इएसएल को 30 करोड़ का टेंडर मिला है. प्रथम चरण में 6312 एलइडी लाइट लगायी जायेंगी. जहां सीएफएल लगी हैं उसे बदल कर एलइडी लाइट लगायी जायेंगी. दूसरे फेज में 8500 एलइडी लाइट लगाने की योजना है. दो से तीन माह में शहर चकाचक दिखेगा.
निगम को सिर्फ टैक्स से मतलब : बैंक मोड़ चेंबर सचिव प्रभात सुरोलिया ने कहा कि न सिर्फ स्ट्रीट लाइट बल्कि हाइ मास्ट लाइट भी नहीं जलती है. शाम ढलते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है. निगम से कई बार लिखित शिकायत की गयी लेकिन पहल नहीं हुई. निगम सिर्फ टैक्स बढ़ाने और वसूलने में लगा है. एक सप्ताह के अंदर एलइडी व हाइ मास्क लाइट ठीक नहीं की गयी तो चेंबर आंदोलन को बाध्य होगा.
कहां-कहां लगी थी लाइट
बैंक मोड़, धनसार, जोड़ाफाटक, मटकुरिया, गोधर, केंदुआ, बेकारबांध से बिरसा मुंडा पार्क, झरिया आदि जगहों पर निगम की ओर से लाइट लगवायी गयी थी.
मामले की निष्पक्षता से करायी जायेगी जांच
सड़क चौड़ीकरण व तकनीकी खराबी के कारण एलइडी लाइट नहीं जल रही है. पिछले साल एलइडी का जो टेंडर निकला था, उसमें मेंटेनेंस का जिक्र नहीं था. मेंटेनेंस के लिए अलग से टेंडर निकाला गया. संबंधित एजेंसियों को लाभ पहुंचाया गया है. मामले की निष्पक्षता से जांच करायी जायेगी.
चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर