सीवी एरिया में खदान बंदी के बाद रोजगार की राह, 70 परियोजना प्रभावितों को मिलेगा प्रशिक्षण

बीसीसीएल के सीवी एरिया में खदान बंदी से प्रभावित 70 लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

बीसीसीएल के सीवी एरिया में खदान बंदी के बाद परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में पहल शुरू की गयी है. अस्थायी खदान बंदी योजना के तहत 70 परियोजना प्रभावित लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके लिए बीसीसीएल ने हिम्मतसिंका फाउंडेशन के साथ समझौता किया है.

कार्यक्रम का उद्देश्य रोजगार के अवसर से जोड़ना

प्रशिक्षण में अमलगमेटेड चांच यूजी व लायकडीह डीप यूजी, न्यू लायकडीह ओसी और विक्टोरिया वेस्ट यूजी से जुड़े परियोजना प्रभावित लोगों को शामिल किया गया है. इन्हें गेस्ट सर्विस एसोसिएट कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकास कर स्थायी आजीविका का अवसर देना है.

खदान बंदी के साथ पुनर्वास और रोजगार पर जोर

खदान बंदी की योजना के तहत सीवी एरिया में माइन क्लोजर एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी हुई थी. बैठक में बंद खदानों के पुन: उपयोग, एनसीआरएपी और सीइआर से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गयी. बैठक सीवी एरिया के जीएम संजय कुमार सिंह और एजीएम धर्मेंद्र तिवारी की देखरेख और पश्चिम बर्दवान के एडीएम (एलआर) सुनंदा भट्टाचार्य की अध्यक्षता में हुई.

इस पहल का उद्देश्य खदान बंद होने के बाद प्रभावित परिवारों को मुआवजा के भरोसे छोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण के जरिये स्थायी आय के स्रोत से जोड़ना है. कंपनी का कहना है कि कौशल विकास और जिम्मेदार खदान बंदी के जरिये प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manohar kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >