फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र देने का आरोप

बोकारो/धनबाद: बोकारो डीसी उमाशंकर सिंह ने असर्फी अस्पताल (धनबाद) पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है. डीसी ने बोकारो सिविल सजर्न को फटकार लगाते हुए डिस्ट्रिक प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर की बहाली को रद्द करने का निर्देश दिया है. चयन समिति ने बहाल किये गये चंदन कुमार को अनुभव के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 26, 2015 8:05 AM
बोकारो/धनबाद: बोकारो डीसी उमाशंकर सिंह ने असर्फी अस्पताल (धनबाद) पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है. डीसी ने बोकारो सिविल सजर्न को फटकार लगाते हुए डिस्ट्रिक प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर की बहाली को रद्द करने का निर्देश दिया है. चयन समिति ने बहाल किये गये चंदन कुमार को अनुभव के लिए निर्धारित 25 में 25 अंक दिये थे.
क्या है मामला : बोकारो स्वास्थ्य विभाग में पांच पदों के लिए बहाली निकली थी. उसमें एक पद डिस्ट्रिक प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर का था. उक्त पद पर चयनित चंदन कुमार को अनुभव के लिए चयन समिति के सदस्यों ने 25 में 25 अंक दिये थे. पूरे अंक मिलने पर डीसी को संदेह हो गया. उन्होंने चयनित चंदन कुमार का आवेदन निकलवा कर जांचा तो पता चला कि छह वर्ष का कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र धनबाद के असर्फी अस्पताल से जारी किया गया है.
नहीं मिला चंदन का रिकॉर्ड : डीसी द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धनबाद के असर्फी अस्पताल पहुंचे व चंदन कुमार के संबंध में अपने स्तर से जांच की. अस्पताल प्रबंधन ने चंदन कु मार के संबंध में कई कागजात उपलब्ध कराये. कुछ कागजात नहीं मिले. दंडाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीसी ने सिविल सजर्न को फटकार लगायी व बहाली को रद्द करने का निर्देश दिया.
असर्फी अस्पताल प्रबंधन का पक्ष : असर्फी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चंदन हमारे यहां काम करता था. सैलरी स्लिप में उसका नाम है. प्राइवेट नौकरी में हम ज्यादा कागजात नहीं रख पाते हैं. इस कारण कुछ और जरूरी कागजात हम नहीं रख पाये. हालांकि चंदन यहां काम करता था, हर दिन कई बेरोजगार लड़के-लड़कियां हमारे पास आते हैं. उन्हें नौकरी पर रखना कोई गुनाह तो नहीं है. कई लड़के नौकरी के साल भर के अंदर ही दूसरी जगहों पर भी चले जाते हैं.