धनबाद : वेतन पुनरीक्षण सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर 31 जनवरी व एक फरवरी को बैंकों में हड़ताल रहेगी. मांगों पर सरकार की ओर से पहल नहीं हुई तो बैंकों में 11, 12 व 13 मार्च को काम बंद कर दिया जायेगा. एक अप्रैल से बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे.
देशव्यापी आंदोलन के तहत धनबाद में भी मंगलवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर रैली निकली और एसबीआइ शाखा बैंकमोड़ के समक्ष प्रदर्शन किया गया. यूनियन के संयोजक प्रभात चौधरी ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है. सरकार अविलंब मांगों को माने वरना बैंकिंग उद्योग में अभूतपूर्व संघर्षों का दौर आनेवाला है, जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी.
सभा को इन्होंने भी किया संबोधित
सभा को आलोक रंजन सिन्हा, राजेंद्र कुमार, बीपी सिंह, संजय विश्वास, एनके महाराज, सुनील कुमार, एसवी मिश्रा, पुलक घोष, तारक बनर्जी, सुशील ओझा, अशोक रजक, संदीप वासन ने संबोधित किया.
क्या है मांग
20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी के साथ वेतन पुनरीक्षण, पांच दिवसीय बैंकिग, विशेष भत्ता का मूल वेतन में समायोजन, नयी पेंशन स्कीम के बदले पुरानी पेंशन स्कीम, पेंशन का वेतन पुनरीक्षण के साथ अपग्रेडेशन, फैमिली पेंशन में सुधार, स्टाफ वेलफेयर फंड सकल लाभ के आधार पर, व्यवसाय अवधि में एकरूपता, रिटायरमेंट के समय प्राप्त रकम को इनकम टैक्स की परिधि से बाहर रखना, लिव बैंक का प्रावधान करना, अधिकारियों का नियमित कार्यावधि होना, समान काम के लिए समान वेतन.
