रिलीफ डाइग्नोसिस केयर के संचालक पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी की प्राथमिकी

धनबाद : रिलीफ डाइग्नोसिस केयर सरायढेला के संचालक डाॅ राजीव नयन, उनके पिता नवल किशोर सिंह तथा लेखापाल रामश्रय सिंह पर कंपनी से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है. डाइग्नोसिस केयर की दो महिला साझीदार रूबी खातून तथा नेहा कुमारी ने यह आरोप लगाते हुए सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी […]

धनबाद : रिलीफ डाइग्नोसिस केयर सरायढेला के संचालक डाॅ राजीव नयन, उनके पिता नवल किशोर सिंह तथा लेखापाल रामश्रय सिंह पर कंपनी से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है. डाइग्नोसिस केयर की दो महिला साझीदार रूबी खातून तथा नेहा कुमारी ने यह आरोप लगाते हुए सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. रूबी खातून ने डाॅ राजीव नयन व उनके पिता नवल किशोर सिंह पर धक्का-मुक्की तथा सरेआम जलील करने का भी आरोप लगाया है. सरायढेला थाने के सअनि ने सुरेश बिरुली रविवार को रिलीफ डाइग्नोसिस केयर जाकर मामले की छानबीन की.
क्या है आरोप : रूबी खातून तथा नेहा कुमारी का कहना है कि रिलीफ डाइग्नोसिस केयर में वे 25-25 प्रतिशत की साझीदार हैं. डाॅ राजीव नयन खुद 50 प्रतिशत के साझेदार हैं. वर्ष 2013 में साझेदारी में व्यवसाय शुरू हुआ था. डाॅ राजीव नयन ने आश्वासन दिया था कि उन्हें इस व्यवसाय का पूरा अनुभव है और इसलिए सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली. खुद पूरा प्रभार लेकर घोटाले का खेल शुरू कर दिया. लैब में जितने सामान खरीदे गये उसकी कीमत काफी बढ़ाकर रजिस्टर में दिखाये गये. डाॅ नयन रिलीफ सेल की राशि निजी बैक खाते में जमा करते रहे. लैब के कैश बुक में भुगतान के नाम पर लाखों की निकासी डाॅ के पिता नवल किशोर प्रसाद सिंह ने की. इ-पोस मशीन से जमा रकम भी डाॅ राजीव अपने निजी बैंक खाते में डालते रहे. आरोप है कि डेली की सेल के रिकॉर्ड का इंट्री भी बड़ी चालाकी से डिलीट कर दिया जाता था.
यह खेल कंपनी के लेखापाल रामश्रय सिंह की मिलीभगत से चार सालों से चल रहा था. सेल्स सेंटर के एडमिन का पासवर्ड भी डाॅ नयन अपने ही पास रखे हुये हैं. डाइग्नोसिस केयर के हिसाब में गड़बड़ी की सूचना दोनों साझेदार को मिली तो कंपनी के लेखापाल रामश्रय सिंह से पूछताछ की. रूबी का कहना है कि वह अपने पति के साथ डाॅ राजीव नयन से हिसाब पूछने के लिए तीन अगस्त को नेहरू काॅम्प्लेक्स में गयी. आरोप है कि वहां डाॅ नयन व उनके पिता नवल प्रसाद सिंह ने अभद्रता की. जब लोग जुटने लगे तो दोनों वहां से चले गये.
आरोप बेबुनियाद व मनगढ़ंत : डॉ राजीव नयन
मामले में डॉ राजीव नयन ने कहा है कि उन पर लगाये गये आरोप मनगढ़ंत व बेबुनियाद हैं. किसी भी संस्थान को चलाने की जिम्मेदारी सभी पार्टनर की होती है, लेकिन उनके पार्टनर ऐसा नहीं कर रहे थे. इस बाबत जब उन्होंने सब कुछ अलग करना चाहा तो पार्टनर ने उनपर झूठा केस दर्ज करवा दिया.

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