हत्या के प्रयास में सात साल की सजा, पांच हजार जुर्माना

धनबाद: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबुज नाथ ने हत्या के प्रयास में बुधवार को चरण भगत को सात वर्ष की सजा सुनाई व पांच हजार जुर्माना लगाया. पांच जनवरी 2005 को जोरापोखर थाना क्षेत्र में चरण भगत पर अपने पड़ोसी बलराम गोरांई पर चाकू से वार कर अधमरा करने का मामला दर्ज हुआ था. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 29, 2014 9:36 AM

धनबाद: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबुज नाथ ने हत्या के प्रयास में बुधवार को चरण भगत को सात वर्ष की सजा सुनाई व पांच हजार जुर्माना लगाया. पांच जनवरी 2005 को जोरापोखर थाना क्षेत्र में चरण भगत पर अपने पड़ोसी बलराम गोरांई पर चाकू से वार कर अधमरा करने का मामला दर्ज हुआ था. आरोप था कि श्री गोरांई के घर में टेप बज रहा था.

इसको ले कर दोनों पक्ष में विवाद हुआ. चरण भगत पर छेड़खानी का भी आरोप लगा. हालांकि, कोर्ट ने छेड़खानी के आरोप से चरण भगत को बरी कर दिया गया था. मामले में सरकार की ओर से एपीपी अनिल झा ने पैरवी की.

दहेज हत्या में पति को 10 वर्ष कैद : बोकारो. द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश बबीता प्रसाद की अदालत ने दहेज हत्या में पति चास के भर्रा बस्ती निवासी मो. हैदर अली (33) को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. यह मामला सेशन ट्रायल संख्या 110/13 व चास थाना कांड संख्या 317/12 के तहत चल रहा था. घटना 23 अक्तूबर 2012 की है. प्राथमिकी धनबाद जिले के भूली ओपी क्षेत्र, शमशेर नगर, बैंक मोड़ निवासी मोहम्मद अलाउद्दीन ने दर्ज करायी था. मृतका फरहीना खातून उर्फ रानी मो अलाउद्दीन की पुत्री थी. फरहीना का विवाह हैदर अली से वर्ष 2009 में हुआ था. पिता का आरोप था कि दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने के बाद रानी को मार कर फांसी पर लटका दिया गया.