कोयला अधिकारियों के नये वेतनमान में लगा पेच

धनबाद.कोल इंडिया के अधिकारियों को महारत्न कंपनियों की तर्ज पर वेतन भुगतान मामले में पेच फंस गया है. कोल इंडिया बोर्ड ने वेतन बढ़ोतरी की मांग तो मान ली है, लेकिन इसे मंजूरी के लिए डीपीइ (लोक उपक्रम विभाग) को भेज दिया गया है. इससे यह मामला लटक गया है. जानकारी के अनुसार शनिवार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 26, 2017 1:10 PM
धनबाद.कोल इंडिया के अधिकारियों को महारत्न कंपनियों की तर्ज पर वेतन भुगतान मामले में पेच फंस गया है. कोल इंडिया बोर्ड ने वेतन बढ़ोतरी की मांग तो मान ली है, लेकिन इसे मंजूरी के लिए डीपीइ (लोक उपक्रम विभाग) को भेज दिया गया है. इससे यह मामला लटक गया है. जानकारी के अनुसार शनिवार को कोलकाता में कोल इंडिया बोर्ड की बैठक हुई. बैठक में कोयला अधिकारियों के पे-रिवीजन पर चर्चा हुई.

सूत्रों के अनुसार नये पे रिवीजन पर बोर्ड ने मुहर लगा दी. लेकिन इसे डीपीइ से अनुमोदित कराने का पेच लगा दिया. इससे कोयला अधिकारी आहत हैं. जबकि सरकार ने तीसरा वेतनमान देने का आदेश दे दिया है. यह 01.01.2017 से ही देय है. कोल इंडिया के अधिकारी ओएनजीसी की तरह वेतनमान की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर पूरे कोल इंडिया में जूनियर से लेकर सीनियर अधिकारी तक आंदोलन कर रहे हैं.

2200 कोयला अधिकारी हुए मायूस : बीसीसीएल में 22 सौ कोयला अधिकारी कार्यरत हैं. सभी की नजरें आज की बैठक पर लगी हुई थी. लेकिन बैठक के फैसले से सभी मायूस हैं. यहां भी इ-वन से इ-फाइव तक के अधिकारी लगातार सोशल साइट पर अभियान चला रहे हैं. 24 नवंबर को इस ग्रेड के अधिकारी सामूहिक अवकाश पर थे. जबकि सीनियर अधिकारी काला बिल्ला लगाकर विरोध कर रहे हैं.
बोर्ड की मंजूरी आइवाश : सीएमओएआइ
कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमओएआइ) बीसीसीएल जोन के महामंत्री भवानी बंद्योपाध्याय ने कहा कि कोल इंडिया बोर्ड का फैसला आइवाश है. इससे अधिकारियों को कोई लाभ नहीं होगा. डीपीइ इसे नामंजूर भी कर सकती है. फिर से यह कैबिनेट की मंजूरी के लिए भी जा सकता है. उन्होंने कोयला मंत्रालय से इस पे-रिवीजन को मजदूरों के लिए हुए दसवें वेतन समझौता की तरह ही तत्पर होकर लागू कराने की मांग की है. साथ ही मंजूर होने तक सभी कोयला अधिकारियों को कम से कम एक लाख रुपया अग्रिम देने की भी अपील की है.