पीएमसीएच में कैदी की मौत परिजनों ने नहीं लिया शव

धनबाद. मंडल कारा में सजा काट रहे बंगाली रजक (86) ने इलाज के दौरान पीएमसीएच में सोमवार की सुबह आठ बजे दम तोड़ दिया. परिजनों को सूचना देने पर भी नहीं आये, शव लगभग आठ घंटे तक एचडीयू वार्ड के बेड पर पड़ा रहा. इसके बाद कारा प्रशासन, स्थानीय पुलिस, मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 22, 2017 7:06 AM
धनबाद. मंडल कारा में सजा काट रहे बंगाली रजक (86) ने इलाज के दौरान पीएमसीएच में सोमवार की सुबह आठ बजे दम तोड़ दिया. परिजनों को सूचना देने पर भी नहीं आये, शव लगभग आठ घंटे तक एचडीयू वार्ड के बेड पर पड़ा रहा. इसके बाद कारा प्रशासन, स्थानीय पुलिस, मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया.

शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने कराया. इससे बंगाली की मौत की सूचना को लेकर पुलिस झरिया चार नंबर स्थिति बंगाली के घर गयी थी. यहां बेटा व बेटी को शव ले जाने की बात की. लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया था. पोस्टमार्टम के दौरान बतौर मजिस्ट्रेट पंकज कुमार तैनात था. वहीं मेडिकल बोर्ड में डॉ गणेश कुमार, डॉ अनिल कुमार, डॉ एस सराक आदि मौजूद थे. बिसरा को जब्त कर लिया गया.

चाकू से गोदकर पत्नी की कर दी थी हत्या : बताया जाता है कि ढाई-तीन वर्ष पूर्व बंगाली रजक ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी थी. उसे चाकू से तब-तक वार किया, जब तक पत्नी की मौत नहीं हो गयी. बेटा व चार बेटियों ने भी बंगाली रजक से नाता तोड़ दिया था. कुछ दिनों से वह टीबी का मरीज हो गया था. जेल में ठीक से दवाइयां नहीं खाता था. दो दिन पूर्व उसे पीएमसीएच में भरती कराया गया था.